कैमूर: मिडल ईस्ट में युद्ध के माहौल के बीच देश भर में रसोई गैस की किल्लत का मामला अब भी सामने आ रहा है। अक्सर गैस एजेंसियों में लोगों की लंबी लाइन लग रही है वहीं अब भी लोग गैस लेने के लिए जुगाड़ लगाने की कोशिश करते दिख रहे हैं। इसी कड़ी में कैमूर से एक मामला सामने आया है जहां एक ट्रैफिक पुलिसकर्मी को गैस नहीं दिए जाने से नाराज हो कर उसने एजेंसी की गाड़ियों का चालान काटना शुरू कर दिया। गैस एजेंसी की गाड़ियों का चालान काटे जाने से नाराज एजेंसी कर्मियों ने बीच सड़क पर गाड़ी खड़ी कर सड़क जाम कर दिया। इसके बाद मौके पर अफरातफरी का माहौल हो गया।
मामले को लेकर इंडेन गैस एजेंसी के कर्मियों ने कहा कि एक ट्रैफिक पुलिसकर्मी ने बिना कनेक्शन के गैस सिलिंडर की मांग की थी। उन्हें नियमों का हवाला दे कर गैस देने से इंकार करने पर अब वह एजेंसी की गाड़ियों का चालान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहला चालान मंगलवार को काटा गया और अब आज भी वह गैस एजेंसी की गाड़ी रोक कर उसका चालान करने लगे। एजेंसी के मैनेजर राम शंकर झा ने कहा कि मैं एजेंसी पर गैस वितरण करने जा रहा था, इस दौरान ट्रैफिक पुलिसकर्मी ने मुझे रोका और लाइसेंस मांगा। मैंने जब लाइसेंस दिखाया तो उन्होंने कहा कि इस पर कुछ दिखाई नहीं दे रहा और उन्होंने बदतमीजी भी की।
ट्रैफिक पुलिसकर्मी की इस कार्रवाई से इंडेन गैस एजेंसी के कर्मी भड़क गए और गाड़ियों को सड़क पर खड़ा कर दिया। गाड़ियाँ सड़क पर खड़ी किये जाने से भभुआ के चांदनी चौक पर लंबी लाइन लग गई, जिससे लोगों को आवागमन में काफी परेशानी हो रही है। वहीं मामले को लेकर ट्रैफिक पुलिस के सब इंस्पेक्टर संतोष कुमार ने कहा कि मैं यहां रोज गाड़ियों की जांच करता हूं। बगैर सीट बेल्ट और हेलमेट की गाडियों का चालान काटा जा रहा है। गैस एजेंसी के कर्मियों का आरोप बेबुनियाद है। वहीं मामले को लेकर एसडीएम रत्ना प्रियदर्शनी ने कहा कि ट्रैफिक पुलिस गाड़ियों की चेकिंग कर रही थी और इस दौरान एजेंसी की गाड़ियों का भी कुछ पेपर नहीं था इसलिए चालान किया गया है। वहीं गैस सिलिंडर नहीं दिए जाने की वजह से चालान काटने के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह जांच का विषय है।
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