Join Us On WhatsApp

जहानाबाद में टेंशन हाई— फिर से मिली बम से उड़ाने की धमकी, कोर्ट की घेराबंदी

जहानाबाद सिविल कोर्ट को एक बार फिर ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली

civil court ko bam se udane ki dhamki
जहानाबाद, सिविल कोर्ट - फोटो : Darsh NEWS

जहानाबाद: बम की धमकियाँ अब केवल शरारत नहीं रहीं, बल्कि यह हमारे न्यायिक तंत्र और आम लोहों की सुरक्षा पर सीधा हमला है। ऐसे मामलों में प्रशासन की तुरंत कारवाई जितनी जरुरी है, उतनी ही जरुरी है डिजिटल के माध्यमों के दुरुपयोग पर सख्ती करना। बिहार के जहानाबाद में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब सिविल कोर्ट को ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली। मंगलवार सुबह जैसे ही यह सूचना पुलिस प्रशासन तक पहुंची, पूरे इलाके को तत्काल हाई अलर्ट पर डाल दिया गया। आनन-फानन में भारी संख्या में पुलिस बल कोर्ट परिसर में तैनात कर दिया गया और सघन जांच अभियान शुरू कर दिया गया।

सुरक्षा एजेंसियों ने बिना देर किए कोर्ट परिसर के हर कोने की बारीकी से तलाशी ली। मुख्य प्रवेश द्वार से लेकर अंदर के सभी कक्षों तक सुरक्षा घेरा कड़ा कर दिया गया। कोर्ट में आने-जाने वाले हर व्यक्ति की मेटल डिटेक्टर से जांच की गई, वहीं संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए अतिरिक्त पुलिसकर्मी तैनात किए गए।

यह भी पढ़ें: राजधानी की सड़क पर उतरे राजद-कांग्रेस के कार्यकर्ता, जलाया मोदी-नीतीश का पुतला...

मौके पर पहुंचे अनुमंडल पदाधिकारी राजीव कुमार सिन्हा ने बताया कि यह पूरी कार्रवाई एहतियात के तौर पर की जा रही है। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की लापरवाही की गुंजाइश नहीं छोड़ी जाएगी और सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन कराया जा रहा है। वहीं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी मनीष चंद्र चौधरी ने बताया कि राज्य के विभिन्न न्यायालयों को मिल रही धमकियों को देखते हुए पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर विशेष सतर्कता बरती जा रही है।

यह भी पढ़ें: हम कोई सामान नहीं कि कोई खरीद ले, कांग्रेस विधायक मनोज विश्वास ने बताया 'क्यों नहीं किया मतदान'

धमकी भरे ईमेल की जांच भी तेज कर दी गई है। साइबर सेल की टीम इस बात का पता लगाने में जुटी है कि ईमेल कहां से भेजा गया और इसके पीछे किसका हाथ है। शुरुआती जांच में इसे शरारती तत्वों की हरकत माना जा रहा है, लेकिन पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है। घटना के बाद कोर्ट परिसर में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल रहा। आम लोग और वकील भी सहमे नजर आए, हालांकि पुलिस की मुस्तैदी से स्थिति जल्द ही नियंत्रण में आ गई। यह घटना एक बार फिर इस बात की याद दिलाती है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म का गलत इस्तेमाल कितना खतरनाक हो सकता है। जरूरत है कि ऐसे मामलों में न सिर्फ दोषियों की पहचान हो, बल्कि उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लग सके।


Scan and join

darsh news whats app qr
Join Us On WhatsApp