बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग लोक सेवकों के ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की है। विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के सत्यापन के बाद यह कार्रवाई की गई, जिसमें आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। पहला मामला किशनगंज के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी गौतम कुमार से जुड़ा है। जांच के दौरान उनके पास करीब 1.94 करोड़ रुपये की ऐसी संपत्ति का पता चला है, जो उनकी ज्ञात आय से लगभग 60 प्रतिशत अधिक बताई जा रही है। इस खुलासे के बाद पटना, पूर्णिया और किशनगंज स्थित उनके कुल 6 ठिकानों पर अलग-अलग टीमों द्वारा एक साथ छापेमारी की जा रही है।
वहीं दूसरा मामला सहरसा के DRDA निदेशक वैभव कुमार से संबंधित है। जांच में उनके पास करीब 2.41 करोड़ रुपये की आय से अधिक संपत्ति होने के प्रमाण मिले हैं, जो उनकी घोषित आय से लगभग 78 प्रतिशत ज्यादा है। इसके बाद सहरसा और मुजफ्फरपुर में उनके 6 ठिकानों पर छापेमारी की कार्रवाई शुरू की गई है।
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इस पूरी कार्रवाई में अपर पुलिस अधीक्षक, वरीय पुलिस अधीक्षक और पुलिस उपाधीक्षक स्तर के अधिकारियों के नेतृत्व में अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं, जो सभी ठिकानों पर सघन तलाशी ले रही हैं। सूत्रों के मुताबिक, छापेमारी के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, निवेश से जुड़े कागजात और अन्य संपत्ति के प्रमाण मिलने की संभावना है। हालांकि, अभी तक आधिकारिक रूप से बरामदगी का पूरा विवरण सामने नहीं आया है।
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आर्थिक अपराध इकाई ने साफ किया है कि तलाशी अभियान पूरा होने के बाद ही विस्तृत जानकारी सार्वजनिक की जाएगी। फिलहाल, इस कार्रवाई से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा हुआ है और आगे और बड़े खुलासों की उम्मीद जताई जा रही है।




