पटना: बिहार के चर्चित IPS रहे और कथावाचक पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय गुरुवार को राजधानी पटना पहुंचे जहां उन्होंने मीडिया से बात करते हुए अपराध नियंत्रण और बिहार की राजनीति पर बातचीत की। इस दौरान उन्होंने बिहार में घट रहे आपराधिक घटनाओं को लेकर कहा कि अपराध कभी खत्म नहीं हो सकता है लेकिन अभी जो घट रहे हैं उसे रोकने के लिए आमलोगों को भी आगे आना चाहिए। इस दौरान गुप्तेश्वर पांडेय ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कामों की भी प्रशंसा की और कहा कि उनका इस पद से हटना बिहार के लिए एक बहुत बड़ी क्षति है। वहीं उन्होंने बिहार में अपहरण उद्योग शुरू होने की बात भी बताई तथा एक पूर्व IPS को कठघरे में खड़ा कर दिया है।
गुरुवार को पटना एयरपोर्ट पर मीडिया से बात करते हुए पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने बिहार में घट रहे आपराधिक घटनाओं को लेकर कहा कि इसे नियंत्रित करने के लिए हमारे पास पुलिस तो है लेकिन पुलिस आम जनता की मदद के बिना कुछ नहीं कर सकती है। जनता को पुलिस का सक्रिय रूप से सहयोग करना चाहिए। आज बिहार के जो डीजीपी हैं उन्होंने मेरे साथ IPS के रूप में कई पदों पर काम किया है और मैं आज यह कह सकता हूँ कि बिहार के पास अभी बेस्ट डीजीपी है। उनके पास हर परिस्थिति में काम करने का अनुभव है। पूरे सिस्टम में बहुत सारी चीजें है जिसका खामियाजा सबको भुगतना होता है लेकिन लोगों को भी सामने आना चाहिए और संगठित हो कर अपराधियों का विरोध करना चाहिए।
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पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने कहा कि यह तो मानना होगा कि बिहार में पहले से काफी सुधार हुआ है। अब पहले की तरह संगठित गिरोह आपराधिक घटनाओं को अंजाम नहीं देता है। आज से करीब 20 वर्ष पहले बिहार में जो घटनाएं घटती थी उसके अनुसार अभी कुछ नहीं है। कभी कभी कुछ आपराधिक घटनाएं हो जाती हैं तो अब आमलोगों को जागरूक और एकजुट हो कर अपराध और अपराध की संस्कृति का सहयोग करना चाहिए। पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने बिहार के डीजीपी विनय कुमार को बेस्ट ऑफिसर कहते हुए कहा कि मैं चाहूँगा कि वह व्यक्तिगत रूप से नालंदा की घटना का संज्ञान लें और कार्रवाई सुनिश्चित करें।
इस दौरान बिहार में अपराध बढने के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह सवाल काफी पुराना है। ईमानदारी से अगर हम बताएं तो यह सवाल हमारे समय में भी और उससे काफी पहले के समय में भी पूछे जाते थे। हालांकि इसमें दो राय भी नहीं है कि अपराध समय समय पर सच में बढ़ जाता है लेकिन उसमें केवल पुलिस का दोष नहीं है, सिस्टम का दोष है, लोगों की बदली हुई मानसिकता का दोष है और लोगों में जागरूकता का नहीं होना दोष है। लोग जाति, धर्म में बंटे हुए हैं इसलिए ऐसी समस्याएँ होती हैं। अगर लोग जाति धर्म से उठ कर अपराध का विरोध करना शुरू कर देंगे तो अपराध की संस्कृति ही खत्म हो जाएगी।
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इस दौरान पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने और उनके बेटे निशांत कुमार के राजनीति में आने को लेकर कहा कि वह बिहार के यशस्वी मुख्यमंत्री रहे हैं, यह बात देश ही नहीं दुनिया के लोग भी जानते हैं कि बिहार को बदलने में नीतीश कुमार की अहम भूमिका रही है। आज भी आप गांव गांव में सड़क, स्कूल, या विधि व्यवस्था देख रहे हैं सब नीतीश कुमार की देन हैं। इनसे पहले हमने बिहार में बड़े बड़े नरसंहार देखे हैं, उन जिलों में मैं एसपी भी रहा हूँ। वहां पहले एक बार में 50-50 लाशें गिरती थी अब वह सब कहाँ हो रहा है। बिहार के किसी भी कोने से आप देर रात चले जाइये, रोड पर डकैती नहीं होती है और अपहरण का उद्योग बंद हो गया है। अपराध कभी बंद नहीं होगा लेकिन पहले प्रतिदिन 10-20 घटनाएं होती थी अब वह कहाँ है।
गुप्तेश्वर पांडेय ने गुजरे दिनों को याद करते हुए कहा कि पहले एक दिन में दर्जनों अपहरण के कांड होते थे जिसमें 1-2 की शिकायत पुलिस में की जाती थी बाकि केस में पुलिस को पता भी नहीं चलता था। लोग फिरौती की रकम दे कर अपने लोगों को छुड़ाते थे। उस माहौल से नीतीश कुमार ने बिहार को यहां खड़ा कर दिया है जहां अपराधी को डर लगने लगा है। आप अपने ज़माने में कभी देखे हैं कि एक गाड़ी में दस लोग राइफल का नाल बाहर निकाल कर सड़क पर बेख़ौफ़ जा रहे हैं? लेकिन हमलोगों ने इस चीज को देखा है। राज्यसभा जाना नीतीश कुमार की अपनी राय और निर्णय है तो इस पर टिप्पणी करने की मुझे कोई आवश्यकता नहीं है, लेकिन वह आज तक के बिहार के सबसे यशस्वी मुख्यमंत्री रहे हैं और हैं।
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इस दौरान मीडिया के एक सवाल कि पहले इतना अपराध होता था तो खामी पुलिस में थी या सिस्टम में के जवाब में गुप्तेश्वर पांडेय ने कहा कि इसका जवाब दे दूँ तो हंगामा मच जायेगा। आपलोगों में से कम लोग ही जानते होंगे कि बिहार में अपहरण की संस्कृति एक IPS अधिकारी ने बेतिया से शुरू की थी। वह IPS आंध्र प्रदेश कैडर के हैं और 5 वर्षों के लिए डेपुटेशन पर आये थे और उन्होंने अपहरण की संस्कृति शुरू कर दी। पहले बेतिया, बगहा में डकैती होती थी और उस जिले में मुख्यालय का पूरा ध्यान रहता था। वह IPS अधिकारी भी जब कुछ नहीं कर पाए तो उन्होंने अपराधियों को कहा कि डकैती मत करो इस तरह से अपहरण करना शुरू कर दो। इस दौरान उन्होंने उक्त IPS का नाम पूछे जाने पर कहा कि सब जानते हैं लेकिन मैं नाम नहीं बताऊंगा, लेकिन बता देता हूँ कि उनका नाम ---- यादव है। इस दौरान उन्होंने मौजूदा सरकार की संलिप्तता को लेकर कहा कि मैं सरकार की बात नहीं कर रहा हूँ बल्कि आईपीएस की बात कर रहा हूँ।
वहीं उन्होंने निशांत के राजनीति में आने को लेकर कहा कि मैं उनके बारे में ज्यादा जानता नहीं हूं, कभी मिला नहीं हूँ। बस इतना जानता हूं कि वह पढ़े लिखे हैं, सभ्य आदमी हैं। मुझे यह नहीं पता कि अपने पिता से उन्हें राजनीति का कितना ज्ञान और ट्रेनिंग मिली है। मैं पांच सालों से सिस्टम से बाहर हूँ तो कुछ कह नहीं सकता हूँ। नीतीश कुमार बिहार से जाना एक क्षति है।
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