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बिहार के नए शिक्षकों को केके पाठक ने दी चेतावनी, कहा- 'गांव में नहीं रहना है तो जा सकते हैं'

बीपीएससी के माध्यम से पहले चरण में शिक्षकों की बहाली कर ली गई है. नवंबर महीने के शुरुआत में ही सभी नवनियुक्त शिक्षकों को नियुक्ति पत्र बांटा गया. फिलहाल, सभी शिक्षकों की ट्रेनिंग हो रही है. ऐसे में शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक भी फुल एक्शन मोड में दिख रहे हैं. दरअसल, केके पाठक एक-एक कर लगभग सभी ट्रेनिंग सेंटर पर निरीक्षण के लिए पहुंच रहे हैं. इसी क्रम में केके पाठक बेगूसराय पहुंचे, जहां उन्होंने डुमरांव के जिला शिक्षक प्रशिक्षण संस्थान का निरीक्षण किया. निरीक्षण करने के साथ-साथ उन्होंने ट्रेनिंग ले रहे शिक्षकों को दिशा-निर्देश भी दिए या फिर कह सकते हैं कि सीधे चेतावनी दे दी है. 

'स्कूल से 15 किमी के अंदर ही रहें शिक्षक'

दरअसल, नवनियुक्त शिक्षकों को साफ-साफ कह दिया है कि, वे स्कूल से 15 किलोमीटर के अंदर ही रहें. यहां तक यह भी कह दिया गया है कि, गांव में नहीं रहना है तो जा सकते हैं. आगे केके पाठक ने कहा कि, आप लोग अच्छे से ट्रेनिंग कीजिए, टेक्नोलॉजी को हम लोग बढ़ाएंगे. आने वाले पांच साल में देखिएगा शिक्षा लेने का और देने का माहौल बदल जाएगा. सब कुछ कंप्यूटर से होगा. स्कूलों में अकाउंट का काम भी आप लोग करेंगे, जो प्रधानाध्यापक हैं उन्हें भी आप लोग मदद कर सकेंगे. इस दौरान नवनियुक्त शिक्षकों से केके पाठक ने बातचीत भी की. ट्रेनिंग कर रहे शिक्षकों ने अपनी-अपनी बातों को केके पाठक से शेयर किया.

शिक्षकों को केके पाठक ने दिया सुझाव 

वहीं, 15 किलोमीटर के अंदर ही शिक्षकों को रूम लेने की बात कहते हुए उन्होंने कहा कि, सरकार जब तक आप सभी के रहने की व्यवस्था नहीं करती है तब आप सब स्कूल से 15 किमी की दूरी तक ही रूम ले लीजिये. 50 किमी की दूरी से आपका आना संभव नहीं होगा और हम यह मान्य भी नहीं करेंगे. इस दौरान केके पाठक ने शिक्षकों को सुझाव भी दिया कि, दो से तीन लोग मिलकर रूम ले सकते हैं. एक पंचायत मुख्यालय में दो-तीन या चार स्कूल भी होते हैं, किसी पंचायत मुख्यालय में आप लोग तीन-चार लोग एक साथ रह सकते हैं. केके पाठक ने कहा कि, गांव में रहना अच्छा होता है. गांव में रहेंगे तो पढ़ाई का माहौल बनेगा. हालांकि, आखिरी में चेता भी दिया कि, आप लोग में से किसी को अगर गांव में रहना पसंद नहीं है तो आप लोग जा सकते हैं.