राज्यसभा चुनाव में हार के बाद Pappu Yadav ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए सत्ता (BJP) और विपक्ष तेजस्वी यादव दोनों पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि उन्होंने उन तीन विधायकों की पत्नियों से बात की थी, लेकिन हालात ऐसे बन गए हैं कि “नेता कुत्ता-बिल्ली की तरह बिक रहे हैं” और “जनता भी बिक जाती है।” उन्होंने विपक्ष की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि विपक्ष के नेता अपनी जिम्मेदारी से भाग रहे हैं। अगर मुजफ्फरपुर जैसे मामलों में आम आदमी को गोली मारी जाती है, तो विपक्ष को सड़क पर उतरकर लड़ाई लड़नी चाहिए। उन्होंने कहा कि सिर्फ बयान देने से कुछ नहीं होगा।
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पप्पू यादव ने स्पष्ट कहा कि इस हार की सबसे बड़ी वजह विपक्ष के नेतृत्व का अहंकार है। सही मुद्दों को उठाने में विफलता और जमीनी संघर्ष की कमी ने विपक्ष को कमजोर किया है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष में लड़ने की क्षमता है, लेकिन सही दिशा में प्रयास नहीं हो रहे। सरकार पर हमला करते हुए उन्होंने कहा कि उसे देश के विकास, रोजगार, किसानों की स्थिति, अर्थव्यवस्था और लोकतांत्रिक मूल्यों से कोई लेना-देना नहीं है। उनका आरोप है कि सरकार जानबूझकर धार्मिक और सामाजिक मुद्दों को उछालकर समाज में नफरत पैदा करती है और असली मुद्दों से ध्यान भटकाती है।
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यूजीसी जैसे मुद्दों को लेकर उन्होंने कहा कि इन्हें तोड़-मरोड़ कर छात्रों के बीच राजनीतिक बनाया जा रहा है, जो गलत है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से अपील की कि वह सरकार को बच्चों के हित में सही निर्णय लेने की दिशा में मार्गदर्शन दे। पप्पू यादव ने कहा कि बेटियों की नौकरियों में जात-पात नहीं होनी चाहिए और धार्मिक ग्रंथों को लेकर विवाद खड़ा करना समाज के लिए खतरनाक है।




