पटना: मिडल ईस्ट में युद्ध का असर पूरी दुनिया पर पड़ा है। युद्ध की वजह से भारत समेत अन्य कई देशों में इंधन समेत कई चीजों की किल्लत शुरू हो गई है। हालांकि केंद्र और राज्य की सरकार लगातार दावा कर रही है कि हमारे देश में किसी भी चीज चाहे वह डीजल-पेट्रोल हो या गैस या फिर किसानों के लिए खाद सबकी प्रचुर उपलब्धता है। इसी कड़ी में बिहार के कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने सभी जिला के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की और कई निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने एक प्रेसवार्ता भी की और जानकारी देते हुए बताया कि हम प्राथमिकता के आधार पर अपने लोग और किसानों के हित के लिए काम कर रहे हैं। हम सभी को आश्वस्त करते हैं कि किसी भी चीजों की कमी नहीं होने दी जाएगी।
इस दौरान कृषि मंत्री ने कहा कि अभी संसद में सत्र चल रहा है और इस दौरान प्रधानमंत्री ने भी देशवासियों को आश्वस्त किया है कि हम हर बात पर नजर रख रहे हैं और हमारे देश के किसी भी अंग पर दुष्प्रभाव नहीं पड़ा है। कृषि क्षेत्र देश का सबसे बड़ा विभाग है और इस पर भी कोई असर नहीं पड़ा है। हमारा विभाग और हम अपने किसानों की चिंता कर रहे हैं और राज्य मुख्यालय से पंचायत स्तर तक के अधिकारी और कर्मी यह सुनिश्चित करने में लगे हैं कि कोई दिक्कत न हो। आज हमने जिला कृषि पदाधिकारी समेत विभाग के अन्य कर्मियों के साथ बैठक बुलाई और इस दौरान हमलोगों ने सभी को एक एक बात की जानकारी दी तथा कई निर्देश भी दिए।
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कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री ने देश को आश्वस्त किया है कि किसान और अन्य लोगों को किसी भी तरह की समस्या नहीं आने देंगे। हमारा विभाग के सारे अधिकारी सतर्क हैं और किसी भी तरह से अफवाह फैला कर कालाबाजारी करने वाले लोगों पर खास नजर रख रहे हैं। इस समय का नाजायज लाभ किसी को उठाने नहीं दिया जायेगा। हमने सभी जिला के अधिकारियों को कहा है कि जिलों में खाद के स्टॉक का वेरिफिकेशन करें। हमलोग सिर्फ रिटेलर पर ही ध्यान नहीं रखेंगे बल्कि हम स्टॉकिस्ट पर भी ध्यान रखेंगे और प्रखंड के कृषि पदाधिकारी, समन्वयक और जिला के कृषि पदाधिकारी को भी नहीं बख्शा जायेगा। कहीं कोई दिक्कत आई तो हम अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने में कोताही नहीं करेंगे।
कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा कि हम खास कर राज्य के सीमावर्ती इलाकों पर विशेष नजर रख रहे हैं ताकि खाद की तस्करी नेपाल में न की जाये। हम लोग बारीकी से नजर रख रहे हैं क्योंकि सब जानते हैं कि मूल्य में क्या अंतर है। हमलोगों ने यह भी निर्णय लिया है कि जिलों में पैक्स को खाद लाइसेंस देने की प्रक्रिया तेज की जाएगी। हमलोग इस वक्त में चुपचाप नहीं बैठेंगे बल्कि जिला के कृषि पदाधिकारी हर सप्ताह समीक्षा कर हमें रिपोर्ट भेजते रहेंगे। हमने जैविक खाद को बढ़ावा देने का प्रयास किया है और इसके लिए किसानों को भी प्रोत्साहित कर रहे हैं। हम धरती मां बचाओ कमिटी गठित कर जैविक खाद को बढ़ावा देने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।
कृषि मंत्री ने कहा कि हमारे पास पर्याप्त मात्रा में स्टॉक है। हमारे पास यूरिया का 2.48 लाख मीट्रिक टन, डीएपी 1.43 लाख मीट्रिक टन, एनपीके 2.7 लाख मीट्रिक टन और एमओपी 0.3 लाख मीट्रिक टन उपलब्ध है। यह हमारे जिलों से मांग के अनुसार आपूर्ति की है और हमारे पास मांग से अधिक स्टॉक रखा हुआ है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में राज्य सरकार भी किसानों की चिंता कर रही है। बीती रात तेज आंधी तूफान और ओला गिरने के बाद किसानों की क्षति का हमलोगों ने अपने स्तर से आकलन कर रहे हैं और 33 प्रतिशत से अधिक नुकसान होने पर फसल का मुआवजा भी दिया जायेगा। इसके लिए हमारे जिला कृषि पदाधिकारी जिलाधिकारी को रिपोर्ट देंगे जहां से मुख्यालय रिपोर्ट लिया जायेगा और फिर आपदा प्रबंधन विभाग के माध्यम से धनराशी सीधे किसानों के खाते में डालेंगे।
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