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CBI कोर्ट में लालू यादव की पेशी आज, चारा घोटाला मामले में क्या होगा फैसला ?

आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव को लेकर आज बड़ा फैसला आने वाला है. चारा घोटाला मामले में आज पटना के सिविल कोर्ट स्थित सीबीआई कोर्ट में चारा घोटाला मामले को लेकर सुनवाई होगी. खबर यह भी है कि, लालू यादव खुद सुनवाई के दौरान मौजूद रहेंगे. बता दें कि, इससे पहले मामले में 19 सितंबर को सुनवाई हुई थी. लालू यादव इस सुनवाई में खुद कोर्ट में उपस्थित होने के लिए पहुंचे थे. हालांकि, कोर्ट पहुंचने के थोड़ी ही देर बाद वे वहां से निकल गए. इस दौरान पत्रकारों द्वारा उनसे बात करने की भी कोशिश की गई. लेकिन, तमाम सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की वजह से ऐसा नहीं हो पाया.

44 लोगों पर दायर की गई थी चार्जशीट 

बता दें कि, चारा घोटाले के आरसी 63 ए 1996 में आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव, पूर्व सांसद आर के राणा, फूलचंद सिंह, नौकरशाह बैक जूलियस और पूर्व सांसद जगदीश शर्मा समेत 22 लोगों पर आरोप गठित हुए थे. इस मामले में सीबीआई कोर्ट में लगातार सुनवाई चल रही है. जिसमें सीबीआई की ओर अब तक 76 लोगों की गवाही भी हो चुकी है. सीबीआई ने लालू प्रसाद यादव समेत कुल 44 लोगों पर चार्जशीट भी दायर की थी. इसमें 22 लोगों की मृत्यु के कारण ट्रायल बंद कर दिया गया है. यह भी बता दें कि, चारा घोटाला मामले में लालू प्रसाद यादव को सजा भी हो चुकी है, लेकिन आरसी 63 ए 1966 का अंतिम केस के कारण सुनवाई अभी जारी है. भागलपुर बांका के उप कोषागार से फर्जी विपत्र के आधार पर 46 लाख रुपए की अवैध निकासी की गई थी. इसी मामले को लेकर बुधवार 27 सितंबर यानी आज सीबीआई के स्पेशल कोर्ट में सुनवाई होनी है.

कोर्ट में लालू यादव खुद रहेंगे मौजूद  

वहीं, सुनवाई को लेकर कहा जा रहा कि, लालू यादव इस पेशी के दौरान कोर्ट में खुद मौजूद रह सकते हैं. हालांकि, सुरक्षा कारणों से लालू प्रसाद यादव के पेशी होने की जानकारी नहीं दी गई है. इसके साथ ही नौकरी के बदले जमीन मामले में तत्कालीन रेल मंत्री लालू यादव पर केस चलेगा. CBI को केंद्र सरकार से इसकी इजाजत मिल चुकी है. 1 महीने पहले CBI ने केंद्र से लालू के खिलाफ मुकदमा चलाने की इजाजत मांगी थी. CBI ने दिल्ली के राऊज एवेन्यू कोर्ट को बताया कि, पूर्व केंद्रीय रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव के खिलाफ कथित लैंड फॉर जॉब्स केस में ताजा आरोप पत्र के संबंध में गृह मंत्रालय से मंजूरी मिल गई है. लैंड फॉर जॉब का मामला तब का है, जब लालू यादव रेल मंत्री थे, इसलिए इसमें गृह विभाग से अनुमति की जरूरत थी. वहीं, लालू यादव के अलावे रेलवे के 3 अधिकारियों के खिलाफ भी केस चलाने की मंजूरी गृह विभाग की ओर से दे दी गई है.