गया जी में प्रतिभा का सम्मान: केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने मेधावी छात्रा प्रियंका को लिया गोद, IAS बनने तक पढ़ाने का किया संकल्प, अब प्रियंका सिर्फ अपने परिवार की ही नहीं, बल्कि उनकी भी बेटी है और वह उसकी पढ़ाई का पूरा खर्च उठाएंगे

गया जी: गया जी शहर के हरिदास सेमिनरी परिसर में आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह उस समय बेहद भावुक और प्रेरणादायक बन गया, जब केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने एक मेधावी छात्रा के भविष्य को संवारने की बड़ी घोषणा कर दी। कार्यक्रम का आयोजन हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेकुलर) द्वारा किया गया था, जिसमें बड़ी संख्या में लोग और समाज के गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। समारोह के दौरान इंटरमीडिएट परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्रा प्रियंका कुमारी को मंच पर सम्मानित किया गया। प्रियंका ने 443 अंक प्राप्त कर न सिर्फ अपने परिवार, बल्कि पूरे मांझी समाज का नाम रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि से प्रभावित होकर केंद्रीय मंत्री मांझी ने मंच से ही एक बड़ा फैसला लेते हुए प्रियंका को अपनी बेटी के रूप में स्वीकार करने की घोषणा कर दी।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अब प्रियंका सिर्फ अपने परिवार की ही नहीं, बल्कि उनकी भी बेटी है और वह उसकी पढ़ाई का पूरा खर्च उठाएंगे। मांझी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्रियंका जहां तक पढ़ना चाहेगी, वह उसकी हर संभव मदद करेंगे। उन्होंने विशेष रूप से यह भी कहा कि यदि प्रियंका आईएएस की तैयारी करना चाहती है, तो उसके लिए भी वह पूरी जिम्मेदारी लेने को तैयार हैं। मांझी ने शिक्षा के महत्व को रेखांकित करते हुए अपने जीवन के संघर्षों का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि अत्यंत कठिन परिस्थितियों में भी उन्होंने पढ़ाई जारी रखी और उसी का परिणाम है कि आज वे इस मुकाम पर पहुंचे हैं। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे शिक्षा को अपना सबसे बड़ा हथियार बनाएं और कठिनाइयों से घबराए बिना आगे बढ़ते रहें।

कार्यक्रम के दौरान उन्होंने अपने बेटे और बिहार सरकार में मंत्री संतोष सुमन को भी सामाजिक जिम्मेदारी निभाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि समाज के उत्थान के लिए आर्थिक सहयोग जरूरी है और जो लोग सक्षम हैं, उन्हें आगे आकर जरूरतमंदों की मदद करनी चाहिए। मांझी ने यह भी उल्लेख किया कि उन्होंने अपने जीवन में जो भी संसाधन जुटाए हैं, उनका उपयोग समाज के विकास में होना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने एक और महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि अगले वर्ष जो छात्र-छात्राएं अच्छे अंक प्राप्त करेंगे, उन्हें पटना के कृष्ण मेमोरियल हॉल में बुलाकर सम्मानित किया जाएगा। इस कार्यक्रम का पूरा खर्च वह स्वयं उठाएंगे। उनका मानना है कि इस तरह के प्रयासों से छात्रों में प्रतिस्पर्धा की भावना बढ़ेगी और वे बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित होंगे। यह पूरा आयोजन न सिर्फ एक सम्मान समारोह रहा, बल्कि समाज के लिए एक मजबूत संदेश भी बनकर उभरा। प्रियंका कुमारी जैसी प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने की पहल ने यह साबित कर दिया कि यदि सही समय पर प्रोत्साहन और सहयोग मिल जाए, तो कोई भी छात्र अपने सपनों को साकार कर सकता है।