पटना: महीनों से आम जनता के साथ त्रिस्तरीय एवं ग्राम कचहरी प्रतिनिधि तंग तबाह परेशान हैं अंचल कार्यालय बंद है जो ग्रामीण प्रशासन की रीढ़ है। राजस्व से जुड़े लगभग सभी कार्य — चाहे वह जमाबंदी हो, दाखिल-खारिज हो, भूमि विवाद हो, आय निवास ईडब्लूएस आदि सभी तरह के प्रमाण पत्र निर्गत करना हो या आपदा प्रबंधन — इन सभी की शुरुआत और अंत अंचल कार्यालय से ही होता है जो गलत नीति निर्धारण के कारण वर्तमान में अंचल अधिकारी एवं राजस्व अधिकारी हड़ताल पर हैं, जिसके कारण अंचल कार्यालयों का कार्य ठप है। इसका सीधा और व्यापक असर आम जनता पर पड़ रहा है।

आज स्थिति यह है कि लोगों के जमाबंदी, दाखिल-खारिज, भूमि सुधार, भूमि बिक्री जैसे महत्वपूर्ण कार्य रुके हुए हैं। कई परिवार अपनी बेटियों बहन की शादी या अन्य जरूरी कार्यों के लिए जमीन का क्रय-विक्रय करना चाहते हैं, लेकिन छोटे-छोटे राजस्व मामलों के उलझन से लंबित रहने के कारण वे परेशान हैं। RTPS के अंतर्गत प्रमाण पत्र निर्गत नहीं हो पा रहे हैं। आगामी  पंचायत चुनाव मद्देनजर कई स्थानीय योजनाएं और विकासात्मक कार्य एनओसी नहीं मिलने के कारण प्रभावित हैं। सबसे गंभीर प्रभाव भूमि विवादों पर पड़ा है। जिससे ग्राम कचहरियो में आंचल का मामला सरपंच कैसे देखेगे पहले अंचल अधिकारी के स्तर पर जनता दरबार लगता था, लेकिन अब सुनवाई नहीं होने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में आपसी विवाद, मारपीट और अपराध की घटनाएं बढ़ रही हैं। ग्राम कचहरी पर भी अत्यधिक दबाव बढा है।

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अंचल अधिकारी आपदा प्रबंधन नोडल अधिकारी हैं। फसल कटनी, आगजनी दुर्घटना जैसी घटनाएं होने पर अंचल सक्रिय प्रशासन का होना अत्यंत आवश्यक है। वर्तमान में उस व्यवस्था में भी बाधा उत्पन्न हो गई हैं। अब मैं एक अत्यंत महत्वपूर्ण और मूलभूत मुद्दे की ओर ध्यान आकर्षित करना चाहता हूं। समस्या केवल अंचल स्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि अनुमंडल और जिला स्तर तक भी व्याप्त है। अनुमंडल भूमि सुधार समाहर्ता तथा जिला स्तर पर एडीएम के यहां जो अपीलीय कार्यवाही होती है, वहां पर अनुभवी और योग्य राजस्व अधिकारियों का होना ज़रूरी है परिणामस्वरूप, वहां पर मामलों का उचित और गुणवत्तापूर्ण यदि कोई व्यक्ति अंचल अधिकारी के निर्णय से असंतुष्ट है, तो उसे एक सशक्त और प्रभावी अपीलीय मंच मिलना ही चाहिए। लेकिन वर्तमान स्थिति में उसे न्याय के लिए भटकना पड़ता है यही कारण है कि निचले स्तर पर असंतोष बढ़ रहा है और लोगों का प्रशासनिक एवं न्यायिक व्यवस्था पर विश्वास प्रभावित हो रहा है। 

उच्च न्यायालय ने भी कहा है कि इन महत्वपूर्ण पदों पर योग्यता प्राप्त एवं अनुभवयुक्त राजस्व अधिकारियों की नियुक्ति चाहिए। यह निर्णय इसलिए भी महत्वपूर्ण है ताकि अपीलीय प्राधिकार मजबूत हो, निष्पक्ष सुनवाई सुनिश्चित हो और आम जनता का न्याय व्यवस्था से बेहतर न्याय मिले विश्वास बना रहे। अंचल, अनुमंडल और जिला — तीनों स्तरों पर राजस्व प्रशासन को मजबूत बनाने की ज़रूरत है उक्त बाते बिहार प्रदेश पंच सरपंच संघ प्रदेश अध्यक्ष अमोद कुमार निराला ने कहा कि मुख्यमंत्री एव उपमुख्य मंत्री,राजस्व एवं भुमि सुधार मंत्री ईमानदार है पर सुननें में आया है कि बसा के पदाधिकारी उनके पीए है जो मामला को समाप्त कराने में शायद अर्चन ला रहे होंगे। अधिकारियों की जायज मांगों पर संवेदनशीलता और प्राथमिकता के साथ शीघ्र निर्णय ले जन हित में हड़ताल को समाप्त कराए,और ऐसी सुदृढ़ प्रशासनिक व्यवस्था स्थापित हो जो आम जनता को समय पर सेवा और न्याय मिले, क्योंकि सबसे ज्यादा प्रभावित आम नागरिक और हम जनप्रतिनिधि है।

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