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नीतीश कुमार का ‘भागीरथ’ प्रोजेक्ट गयाजी डैम: देश का सबसे बड़ा रबर डैम लेकिन स्थिति देखकर लोग हुए हैरान!

गया में बने देश के सबसे बड़े रबर डैम की स्थिति दयनीय, गंदगी और कीचड़ से तीर्थयात्री परेशान। निर्माण के बाद से ही साफ-सफाई की समस्या बनी हुई है।

The country's largest rubber dam, but people were shocked to
नीतीश कुमार का ‘भागीरथ’ प्रोजेक्ट गयाजी डैम: देश का सबसे बड़ा रबर डैम लेकिन स्थिति देखकर लोग हुए है- फोटो : Darsh NEWS

गया: बिहार के गया में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत बने देश के सबसे बड़े रबर डैम, गयाजी डैम, की स्थिति वर्तमान में दयनीय हो गई है। करीब 334 करोड़ रुपये की लागत से बने इस डैम की लंबाई 411 मीटर और चौड़ाई 95 मीटर है। यह डैम फल्गु नदी में बनाया गया था, जिसे आस्था और धार्मिक मान्यता प्राप्त है।

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निर्माण के समय इसे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की बड़ी उपलब्धि माना गया और इसे लेकर जनता में उम्मीदें भी थी। लेकिन अब डैम में जमा गंदगी और गाद ने इसे तीर्थ यात्रियों और आम लोगों के लिए परेशानी का कारण बना दिया है। पितृपक्ष और अन्य धार्मिक अवसरों के समय ही डैम का पानी साफ दिखाई देता है, बाकी समय गंदा और जीवाणुओं से भरा रहता है। तीर्थयात्री शिकायत करते हैं कि डैम के पानी से आचमन करने के कारण लोगों में टाइफाइड और अन्य बीमारियां भी हुई हैं। इसके अलावा बदबू और कीचड़ ने यहाँ आने वालों की श्रद्धा और अनुभव पर असर डाला है। लोगों का कहना है कि इतनी गंदगी और बीमारी फैलाने वाला पानी धार्मिक और प्राकृतिक दृष्टि से चिंताजनक है।

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गयाजी डैम धार्मिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। यहां माता सीता ने राजा दशरथ का पिंडदान किया था और फल्गु नदी को अंतः सलिला माना जाता है। लेकिन डैम की यह स्थिति न केवल श्रद्धालुओं के लिए परेशानी बन गई है, बल्कि स्थानीय प्रशासन के लिए भी चिंता का विषय है। विशेषज्ञों का मानना है कि गंदगी और कीचड़ हटाने के लिए नियमित सफाई और रख-रखाव की व्यवस्था जरूरी है, ताकि यह डैम जनता और तीर्थयात्रियों के लिए उपयोगी और सुरक्षित रह सके।


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