पूर्वी चंपारण: आप बारिश तो अक्सर ही देखते हैं जिसमें खुले आसमान से पानी बरसती है। दूसरी तरफ हम कई मामलों में एक कहावत के तौर पर अक्सर कहते हैं कि इस चीज की बारिश हो गई लेकिन क्या आपने कभी शराब की बारिश होते देखी है? लेकिन यह सच्चाई है कि बिहार में शराब के बोतलों की बारिश हुई और इसे कई लोगों ने देखा भी और अपने मोबाइल के कैमरे में कैद भी किया। यह मामला है पूर्वी चंपारण का जहां शराबबंदी के बावजूद अवैध रूप से शराब की तस्करी करने का एक नया तरीका सामने आया है। हालांकि तस्करों ने अपनी तरफ से पूरी फूल प्रूफ प्लानिंग की थी लेकिन पटरी पर दौड़ती ट्रेन में हिचकोले की वजह से एक तरफ शराब की बारिश हुई तो दूसरी तरफ तस्करी के एक नये तरीका का पता चला।
दरअसल नई दिल्ली के आनंद विहार से रक्सौल जाने वाली सत्याग्रह एक्सप्रेस ट्रेन जब कप्तानगंज पार कर रही थी इस दौरान ट्रेन की एक बोगी में बाथरूम के समीप बीच वाले हिस्से में छत से अचानक शराब की बोतलें नीचे गिरने लगी। शराब की बोतलें गिरता देख यात्री भी चौंक गए लेकिन एक एक कर बोतलें गिरती ही रही। कुछ यात्रियों ने शराब की बोतल की बारिश का वीडियो बना लिया और सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया जो अब काफी तेजी से वायरल हो रहा है। लोगों ने ट्रेन में मौजूद सुरक्षा गार्ड को मामले की जानकारी दी और जब वह पहुंचे तो सुरक्षाकर्मी भी चकित रह गए।
ट्रेन की बोगी में दोनों टॉयलेट के बीच वाली जगह पर छत में खाली जगह से कवर हटा कर तस्करों ने शराब की बोतलें छुपाई थी जो पटरी पर दौड़ती ट्रेन में हिचकोले लगने की वजह से वजन सह नहीं पाया और एक एक कर शराब की बोतलें नीचे गिरने लगी। कुछ बोतलें वहां खाली जगह से होते हुए रेलवे पटरी पर जा गिरी तो कुछ बोतलें ट्रेन में दोनों टॉयलेट के बीच ही रह गई। शराबबंदी वाले बिहार में अवैध शराब की तस्करी का अजूबा तरीका देख आम यात्री समेत सुरक्षा बल भी हैरान रह गये वहीँ लोगों ने कहा कि सरकार के सिर्फ कानून बना देने से वह लागू नहीं हो जाता बल्कि इसमें आमलोगों के सहयोग की भी जरूरत होती है।
फ़िलहाल पुलिस ने शराब की सभी बोतलों को जब्त कर लिया है और मामले की छानबीन में जुट गई है। वहीं सबसे बड़ा सवाल जो आम लोग और पुलिस दोनों के सामने है कि ट्रेन के छत से कवर हटा कर आखिर तस्कर शराब वहां रख कैसे दिया वहीं कुछ लोगों ने इसमें सुरक्षा बल या अन्य रेलकर्मियों की मिलीभगत का संदेह भी जाहिर किया। हालांकि यह सच भी प्रतीत होता है कि एक ट्रेन की बनावट में इस तरह छेड़छाड़ कर उसमें शराब की बोतलें छुपाना अकेले तस्करों के बस की बात नहीं है। हालांकि यह अब जांच का विषय है और रेल पुलिस जांच में जुट भी गई है।
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पूर्वी चंपारण से प्रशांत कुमार की रिपोर्ट





