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गणतंत्र दिवस समारोह में नहीं दिखे नेता प्रतिपक्ष, तेजस्वी तो अपने आवास पर भी...

देश भर में धूमधाम से 77वां गणतंत्र दिवस का आयोजन किया. इस मौके पर पटना और दिल्ली में भव्य परेड का आयोजन किया गया लेकिन दोनों ही जगहों पर नेता प्रतिपक्ष गायब रहे. एक तरफ तेजस्वी अपने आवास पर भी नहीं दिखे जबकि राहुल गांधी...

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गणतंत्र दिवस समारोह में नहीं दिखे नेता प्रतिपक्ष, तेजस्वी तो अपने आवास पर भी...- फोटो : Darsh News

दिल्ली/पटना: आज पूरा देश हर्षोल्लास के साथ 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। एक तरफ राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ध्वजारोहण किया तो दूसरी तरफ राजधानी पटना में राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने। दोनों ही जगहों पर एक से एक बढ़ कर एक मनमोहक झांकियां भी निकाली गई और देश भर के गणमान्य इसका साक्षी बने। लेकिन इस गणतंत्र दिवस दिल्ली और पटना में एक चौंकाने वाली बात सामने आई। एक तरफ दिल्ली में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी गायब दिखे तो दूसरी तरफ पटना में विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव।

कर्तव्य पथ पर नहीं दिखे राहुल गांधी

दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित परेड में यूरोपीय संघ के अध्यक्ष मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान कई राज्यों के साथ ही सेना की झांकी निकाली गई जबकि सेना ने इस दौरान अपनी ताकत का भी प्रदर्शन किया। कर्तव्य पथ पर आयोजित परेड ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी तरफ खींचा जबकि इस दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी गायब रहे। आजादी के बाद से भारतीय परंपरा के अनुसार हर वर्ष गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस पर आयोजित समारोह में पक्ष और विपक्ष के नेता मौजूद रहते हैं और गौरवशाली पर्व धूमधाम से मनाया जाता है लेकिन राहुल गांधी इस दौरान गायब दिखे।

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अपने आवास पर भी गायब रहे तेजस्वी

वहीं दूसरी तरफ राजधानी पटना में गणतंत्र दिवस पर आयोजित समारोह में विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव भी गायब दिखे। तेजस्वी यादव अपने सरकारी आवास, मां राबड़ी देवी के आवास और पार्टी कार्यालय में भी ध्वजारोहण के दौरान नदारद रहे। एक दिन पहले ही राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष चुने जाने के बाद भी तेजस्वी यादव राष्ट्रीय पर्व से नदारद रहे। गणतंत्र दिवस के अवसर पर राजद सुप्रीमो लालू यादव ने राबड़ी आवास, तेजस्वी आवास पर ध्वजारोहण किया तो पार्टी कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल ने ध्वजारोहण किया। पार्टी की तरफ से सोशल मीडिया पर पोस्ट किये ध्वजारोहण के वीडियो में भी तेजस्वी यादव नहीं दिखे।

सोशल मीडिया से दी शुभकामनाएं

हालांकि दोनों ही नेता प्रतिपक्षों ने सोशल मीडिया के जरिये लोगों को गणतंत्र दिवस की शुभकामना जरुर दी। एक तरफ लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर लिखा कि 'सभी देशवासियों को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। हमारा संविधान हर भारतीय का सबसे बड़ा हथियार है - यही हमारी आवाज़ है, हमारे अधिकारों का सुरक्षा-कवच। इसी की मज़बूत नींव पर हमारा गणतंत्र खड़ा है जो समानता और सौहार्द से ही सशक्त होगा। संविधान की रक्षा ही, भारतीय गणतंत्र की रक्षा है - हमारे स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदानों को सच्ची श्रद्धांजलि है। जय हिंद! जय संविधान!'

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 वहीं विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को याद करते हुए गणतंत्र दिवस की शुभकामना दी साथ ही सरकार पर हमले भी किये। तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पोस्ट कर लिखा कि 'सभी देशवासियों को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।  आज का यह पावन दिन महान स्वतंत्रता सेनानियों, देशभक्तों, संविधान निर्माताओं और अमर शहीदों को स्मरण कर उन्हें धन्यवाद कहने का दिन है। आज गणतंत्र दिवस के शुभ अवसर पर समस्त वीरों को सादर नमन के साथ श्रद्धा सुमन अर्पित करता हूँ जिन्होंने अपनी जान की कुर्बानी देकर हमें आजादी दिलाई तथा देश की एकता व अखंडता को बनाए रखने में अपना सर्वस्व बलिदान दिया। एनडीए सरकार की विघटनकारी सामाजिक, आर्थिक और संविधान विरोधी अलोकतांत्रिक नीतियों के कारण देश के वर्तमान हालात चिंतनीय है।

संविधान लागू होने के दशकों बाद संविधान एवं लोकतंत्र को समृद्ध करने की बजाय मौजूदा एनडीए सरकार इसे कमजोर करने वाले कार्य कर रही है। वो फ़ासीवादी ताक़तें जिनका देश की आज़ादी में कहीं कोई योगदान नहीं है वो संविधान की मूल भावना पर प्रहार कर रहे है। संविधान की उद्देशिका को बदलने का प्रयास किया जा रहा है। त्याग, बलिदान, यत्न, संघर्ष एवं समर्पण से भरे कर्तव्य-पथ पर अग्रसर होकर आजादी के दीवाने हमारे पुरखों ने हमें यह आदर्श जनतांत्रिक व्यवस्था सौंपी है। आइए, हम सभी मिलकर प्रतिज्ञा ले कि हम सब इस महान देश की एकता और अखंडता को अक्षुण्ण रखेंगे तथा अपने सकारात्मक प्रयासों एवं योगदान से अपने पुरखों के संप्रभु, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष लोकतांत्रिक भारत के स्वप्न को साकार कर, देश की प्रगति-समृद्धि में बढ़-चढ़ योगदान करते रहेंगे।'

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