मोतिहारी में एक बार फिर जहरीली शराब ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है। जिले में संदिग्ध परिस्थितियों में हो रही मौतों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे इलाके में दहशत का माहौल है। ताजा मामला तुरकौलिया थाना क्षेत्र के शंकरसरैया गांव का है, जहां प्रमोद यादव की मौत हो गई. परिजनों का आरोप है की उनकी मौत जहरीली शराब पीने से हुई है।
स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों के मुताबिक, करीब 40 लोगों ने जहरीली शराब का सेवन किया है, जिनमें कई की हालत गंभीर बनी हुई है। हैरानी की बात यह है कि इतनी बड़ी घटना के बावजूद प्रशासनिक स्तर पर अब तक समुचित इलाज की कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई है। आर्थिक रूप से कमजोर पीड़ित इधर-उधर निजी स्तर पर इलाज कराने को मजबूर हैं।
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यह पहला मामला नहीं है जब मोतिहारी में जहरीली शराब से मौतें हुई हैं। करीब ढाई साल पहले भी डीएम सौरभ जोरवाल के कार्यकाल में लगभग 45 लोगों की जान जहरीली शराब के कारण गई थी। उस समय भी प्रशासन पर मामले को दबाने के आरोप लगे थे। शुरुआती दौर में मौतों को डायरिया बताकर टालने की कोशिश की गई थी, लेकिन मीडिया की सक्रियता के बाद सच्चाई सामने आई थी।
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वर्तमान घटना में भी परिजन और स्थानीय लोग खुलकर जहरीली शराब की बात कर रहे हैं, बावजूद इसके प्रशासन की ओर से स्पष्ट बयान या ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है। इससे लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। अब सवाल उठ रहा है कि आखिर बार-बार हो रही ऐसी घटनाओं से प्रशासन कब सबक लेगा और कब तक गरीबों की जान यूं ही जाती रहेगी।