नालंदा: बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने लगातार 8वें वर्ष रिकॉर्ड कम समय में इंटर का परीक्षाफल घोषित कर दिया है। परीक्षाफल के अनुसार इस बार एक तरफ जहां विज्ञान संकाय में एक छात्र ने बाजी मारी है तो दूसरी तरफ कला और वाणिज्य में छात्राओं ने। परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद सभी सफल छात्र और उनके परिजनों में ख़ुशी का माहौल है तो दूसरी तरफ टॉप करने वाले छात्रों के घर में उत्सव का माहौल है। इसी कड़ी में नालंदा के करायपरसुराय की शाजिया के घर में भी उत्सवी माहौल है और उसके परिवार का जोश किसी टॉपर छात्र के घर के उत्सव से कम नहीं है। शाजिया ने कला संकाय में तीसरा स्थान हासिल किया है जिससे उसकी क्षेत्र में काफी चर्चा हो रही है।

शाजिया एक गरीब परिवार से है और उसके भाई तथा पिता कर्णाटक में सिलाई का काम कर परिवार का भरन पोषण करते हैं जबकि मां एक गृहिणी हैं। सुविधाओं के घोर अभाव के बावजूद शाजिया ने मन लगा कर पढाई की और यह उपलब्धि हासिल कर परिवार का सर उंचा कर दिया। कला संकाय में 95.40 प्रतिशत के साथ तीसरा स्थान पाने वाली शाजिया चाहती है कि वह भविष्य में शिक्षिका बने और बच्चों को शिक्षा दे। वह बताती है कि भाई और पिता मजदूरी कर परिवार का भरन पोषण करते हैं तो ऐसे में हर जरुरी सुविधाओं की कमी जरुर है लेकिन मन में जोश की कमी बिल्कुल नहीं है। वह अपनी पढाई के साथ ही गांव के छोटे बच्चों को भी मुफ्त में पढ़ाती हैं।

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शाजिया ने बताया कि उसने उत्क्क्रमित उच्च विद्यालय से 2024 में 88 प्रतिशत अंक के साथ मैट्रिक पास किया था और आर्थिक कमी होने के बावजूद पिता की मदद से आगे की पढाई जारी रखी। उसने करायपरसुराय के +2 स्कूल में नामांकन लिया और प्रतिदिन अपना क्लास करती थी। वह अपनी पढाई के साथ ही उन बच्चों को मुफ्त में पढ़ाती भी थी जिसे शैक्षणिक मदद की आवश्यकता थी। अपनी मेहनत और मेधा के बल पर उसने इंटर के कला संकाय में तीसरा स्थान हासिल किया है। इस सफलता का श्रेया वह अपने माता पिता और भाई के साथ ही अपने शिक्षकों को देती है।

परीक्षाफल प्रकाशित होने के साथ ही उसके स्कूल के प्रधानाध्यापक मो अफजल हुसैन, मुखिया प्रतिनिधि खालिद अहमद समेत अन्य लोग उसके घर बधाई देने पहुँचने लगे। इस दौरान परिवार और आसपास के लोगों ने बताया कि शाजिया बचपन से ही मेधावी रही है और उसे खुद की पढाई के साथ ही दूसरे को पढ़ाने का भी शौक रहा है। आज उसकी सफलता ने न सिर्फ परिवार बल्कि पूरे इलाके का सर फक्र से ऊपर कर दिया है।

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नालंदा से मो महमूद आलम की रिपोर्ट