पटना: लंबे संघर्ष और इंतजार के बाद शिक्षक भर्ती परीक्षा से पहले बिहार में STET की परीक्षा तो आयोजित की गई लेकिन इसे लेकर अब भी अभ्यर्थियों में असंतोष दिख रहा है। मंगलवार को STET परीक्षा में अनुत्तीर्ण अभ्यर्थी एक बार फिर बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के कार्यालय पहुंचे और नारेबाजी की। इस दौरान अभ्यर्थियों ने एक तरफ जहां अध्यक्ष आनंद किशोर के विरोध में नारेबाजी की तो दूसरी तरफ बोर्ड पर ही भरोसा भी जताया। अभ्यर्थियों ने कहा कि जब हमलोगों की बात नहीं सुनी गई तब हमलोग हाईकोर्ट पहुंचे और अब कोर्ट से आदेश के बाद भी बोर्ड में हमारी नहीं सुनी जा रही है। कोर्ट ने आदेश दिया है कि हमारे रिप्रजेंटेशन को देखा जाये लेकिन जब हम यहां जमा करने आये हैं तो हमारे साथ ऐसा व्यवहार किया जा रहा है कि कुछ समझ नहीं आ रहा।
अभ्यर्थियों ने कहा कि परीक्षा में कई ऐसे सवाल पूछे गए थे जिनका बोर्ड की तरफ से जारी आंसर शीट में गलत उत्तर दिखाया गया है। इस बात का प्रमाण भी है कि बोर्ड सवालों का जवाब गलत बता रह है फिर भी हमें फेल कर दिया गया है। अगर बोर्ड इस तरह से सही जवाब को भी गलत बताएगा तो फिर एक दिन ऐसा होगा कि हमलोग भी जब स्कूलों में पढ़ाने जायेंगे तो वहां हम भी बच्चों को यही पढ़ाएंगे कि बिहार का मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी है और बिहार की राजधानी पंजाब में है। जब बोर्ड सही सवाल मानने के लिए तैयार नहीं है और अभ्यर्थियों को गलत चीजें पढने के लिए मजबूर कर रहा है तो फिर बच्चों को भी तो गलत शिक्षा ही दी जाएगी न।
यह भी पढ़ें - जेल से निकलने के बाद अनंत सिंह ने बताया कौन बेटा बनेगा मोकामा का वारिस, निशांत को लेकर भी...
अभ्यर्थियों ने कहा कि ये लोग कह रहे हैं कि बोर्ड के एक्सपर्ट मंडल ने जो जवाब सही बताया है वही मान्य होगा तो फिर ऐसे में तो बिहार की राजधानी भी पंजाब ही सही होगा न। बोर्ड अध्यक्ष को अपने एक्सपर्ट मंडल से पूछना चाहिए कि गलत जवाब क्यों दे रहे हैं तो यह लोग उल्टा हमें फेल कर हमारा भविष्य बर्बाद कर रहे हैं। हमलोगों ने अपना समय और पैसा दोनों खर्च किया और आज STET या शिक्षक भर्ती परीक्षा में बैठने लायक बने हैं और बोर्ड अपनी मनमानी के तहत हमलोगों का भविष्य बर्बाद करने में लगा है। अभ्यर्थियों ने कहा कि बिहार भर्ती नियमावली के तहत हर वर्ष दो बार STET परीक्षा आयोजित की जानी थी लेकिन एक बार भी आयोजित नहीं की जाती है।
अभ्यर्थियों ने कहा कि शिक्षा विभाग कह रहा था कि TRE-5 से पहले STET परीक्षा आयोजित की जाएगी। हमलोगों ने धरना प्रदर्शन कर परीक्षा आयोजित करवाई ताकि सारे छात्र शिक्षक भर्ती परीक्षा में शामिल हो सकें तो अब बोर्ड ने जबरदस्ती हमलोगों को फेल कर दिया है ताकि इस तरह से हमारा समय बर्बाद हो। अब कोर्ट ने भी हमारी बात सुनी है और बोर्ड को आदेश दिया है। अगर कोर्ट के आदेश को भी बोर्ड नहीं मानता है तो फिर हमारे पास एक ही आप्शन बचेगा और हमलोग फिर से सड़क पर उतर कर विरोध प्रदर्शन करेंगे।
यह भी पढ़ें - अनंत सिंह के रोड शो को लेकर BJP के मंत्री ने कही बड़ी बात, चिराग पासवान और राहुल गांधी को भी...