पटना: मंगलवार को राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष एवं बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पार्टी कार्यालय पहुंचे। पार्टी कार्यालय में उन्होंने तेजस्वी ने नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की और आगामी रणनीति पर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बात करते हुए केंद्र की भाजपा सरकार और भाजपा पर जम कर हमले किये। एक तरफ उन्होंने मिडिल ईस्ट में चल रहे जंग के बीच भारत में इंधन की किल्लत पर केंद्र सरकार को घेरा तो दूसरी तरफ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेकर भी बड़ा बयान दिया।
सरकार पूरी तरह से है फेल
मीडिया से बात करते हुए तेजस्वी ने कहा कि आज पीएम बोल रहे हैं कि लोग सतर्क रहें, लेकिन जब सरकार ही सतर्क नहीं है तो आमलोग क्या ही करेगा। अगर सरकार पहले से अलर्ट रहती तो व्यवस्था बनी रहती। यह सरकार जब से आई है तब से आम नागरिकों को झेलना पड़ा है। नोटबंदी हो या कोरोना महामारी या अब गैस की किल्लत है तब सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है। सरकार का काम होता है कि जनता को दुःख दर्द न हो इसका पूरा ध्यान रखना, किसी चीज की कमी हो रही है तो सरकार हाथ खड़ा कर रही है जिसका मतलब है कि सरकार नाकामयाब है। अगर आज किल्लत है तो आपकी क्या स्ट्रेटजी रही कि हमारे आम नागरिकों को असुविधा न हो।
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जबसे मोदी बने हैं PM जनता झेल रही
तेजस्वी ने कहा कि यह पहली बार नहीं हो रहा है बल्कि जब से नरेंद्र मोदी की सरकार बनी है तब से ही यह स्थिति है। नोटबंदी का देश को क्या फायदा हुआ, कोई फायदा नहीं हुआ। कोविड के समय बिहार के मजदूर पैदल चल कर दिल्ली से या अन्य शहरों से अपने घर पहुंचे, कई लोगों की मृत्यु हो गई लेकिन जवाबदेही सरकार ने नहीं ली। अगर पहले से व्यवस्था होती तो यह नौबत नहीं आती। सरकार पूरी तरह से फेल हो गई है, कोई निर्णय नहीं ले पा रही है और यह जनता को झेलना पड़ रहा है। यह सरकार गरीबों की सरकार नहीं है बल्कि चंद अमीरों की है और यह बात हमलोग लगातार उठाते रहे हैं।
नीतीश कुमार नहीं जाना चाहते थे राज्यसभा
वहीं सीएम नीतीश के राज्यसभा जाने और जदयू में एक बार फिर राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के सवाल पर तेजस्वी ने कहा कि मुख्यमंत्री जी की कोई इक्षा नहीं थी कि वह राज्यसभा जाएँ। उन्हें जबरन भेजा जा रहा है। हमलोग शुरू से कह रहे हैं कि भाजपा जदयू को खत्म करना चाह रही है। वह राष्ट्रीय अध्यक्ष बने हैं लेकिन निर्णय उनका नहीं चल रहा है। मुख्यमंत्री का चेहरा आगे कर जदयू के चंद लोग जो हैं वही लोग निर्णय लेते हैं और उन्होंने भाजपा से पहले ही बात कर ली है कि जदयू को खत्म करना है और उसी दिशा में ये लोग काम कर रहे हैं।




