पटना: बीते दिनों केरल चुनाव प्रचार में बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बिहार को गरीब राज्य बताया था जिसके बाद से NDA लगातार हमलावर बना हुआ है। अब तेजस्वी यादव ने NDA को बड़ी चुनौती दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट कर राज्य की सरकार को बड़ी चुनौती दी है। तेजस्वी ने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से बिहार सरकार और मंत्रियों से 31 सवाल करते हुए पूछा है कि बताएं कि बिहार गरीब और फिसड्डी राज्य क्यों है। इसके साथ ही तेजस्वी ने इन मुद्दों पर सार्वजनिक बहस करने की भी चुनौती दी है।

तेजस्वी ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा है कि राज्य में मुख्यमंत्री, दो-दो उपमुख्यमंत्री में नैतिक साहस और योग्यता है तो इन आंकड़ों व तथ्यों पर मुझसे सार्वजनिक बहस करे। 𝟐𝟏 वर्षों की 𝐍𝐃𝐀 सरकार और 𝟏𝟐 वर्षों की डबल इंजन सरकार के कर कमलों से 𝐥 विगत दो दशकों से शिक्षा-रोजगार-आय, औद्योगिक विकास-उत्पादन व निवेश तथा स्वास्थ्य सेवा-सुविधा और पोषण से लेकर अधिकांश सामाजिक, मानवीय और आर्थिक संकेतकों में बिहार सबसे निचले पायदानों पर है। बिहार को सबसे पिछड़ा और गरीब राज्य बताने पर भ्रष्ट शासकों को अपमान लगता है क्योंकि यह इनके सफेद झूठ व अपार असफलता का पर्दाफाश कर इनकी सच्चाई को उजागर करता है इसलिए एनडीए के कर्णधारों को यह असहनीय दर्द-पीड़ा होती है। 

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बिहार की यह स्थिति 𝟐𝟏 वर्षों से बनी हुई है लेकिन निर्लज्ज, नाकाम, नकारा और निक्कमी सरकार हर बात में विपक्ष पर दोषारोपण कर अपनी राजक नीतियों, सफेद झूठ और खोखले दावों के बोझ तले अपनी आसमानी विफलता को छुपाने का असफल प्रयास करती है। अगर मुख्यमंत्री, दो-दो उपमुख्यमंत्री में नैतिक साहस और योग्यता है तो बिहार की प्रगति व बेहतरी के लिए इस यथार्थ और सरकार के अपने ही आंकड़ों व तथ्यों पर मुझसे जब चाहे, जहाँ चाहे, जैसे चाहे सार्वजनिक बहस कर सकते हैं। अब आँख-कान और दिमाग खोलकर इन तथ्यों पर गौर फ़रमाइए:- 


गंभीरता से इस पर मनन करो और बताओ 𝟐𝟏 वर्षों के शासन बाद भी बिहार विकास के इन सभी संकेतकों में राष्ट्रीय औसत से अत्यधिक कम क्यों है? जब तक आप समस्या को चिह्नित कर उसका समाधान नहीं करेंगे तब तक अपनी असफलता छुपाने के लिए हर बार ऐसे ही चुनावों में चुनाव आयोग जैसी संस्था, भ्रष्ट अधिकारियों की चौकड़ी, सरकारी तंत्र का दुरुपयोग और मदद, 𝟏𝟎 हज़ार नगद और 𝟏 करोड़ नौकरी व हर महिला को 𝟐 लाख रुपए बांटने जैसे सफेद झूठ बोलना पड़ेगा।

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