भागलपुर: भागलपुर जिला को पूर्वी बिहार से जोड़ने वाला विक्रमशिला पुल के पाये का फ़ॉल्स वाल पानी की तेज बहाव की वजह से टूट गया जिसके बाद उस पुल से गुजरने वाले लोगों में अफरातफरी का माहौल रहा। लोगों को लगा कि पुल बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है और अब यह किसी भी वक्त धाराशायी हो सकता है। मामले की जानकारी मिलने के बाद आनन फानन में संबंधित विभाग के अधिकारी और अभियंता मौके पर पहुंचे और जांच की।
मिली जानकारी के अनुसार विक्रमशिला पुल का पाया संख्या 17, 18 और 19 की सुरक्षा दीवारें पानी की तेज बहाव के कारण क्षतिग्रस्त हो गई जिसके बाद स्थानीय लोगो तथा पुल से गुजरने वाले लोगों में अफरातफरी का माहौल रहा। लोगों ने कहा कि करीब 25 वर्ष पहले पुल बना था और उसकी लंबे समय से मरम्मत नहीं की गई है जिसकी वजह से अब पुल क्षतिग्रस्त होने लगा है। वहीं मामले को लेकर भागलपुर के जिलाधिकारी डॉ नवल किशोर चौधरी ने कहा कि कोई चिंता की बात नहीं है और पुल पूरी तरह से सुरक्षित है। जिलाधिकारी ने कहा कि मामले की जानकारी के बाद जांच के लिए टीम भेजी गई है।
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वहीं पुल का निरीक्षण करने के बाद वरीय परियोजना अभियंता ज्ञान चंद्र दास ने कहा कि विक्रमशिला पुल के स्ट्रक्चर में किसी तरह की कोई गड़बड़ी नहीं है। पुल निर्माण के दौरान पानी के बहाव का दबाव कम करने के लिए फ़ॉल्स दीवारें बनाई जाती है जिसे आम तौर पर तोड़ दिया जाता है लेकिन यहां किसी कारणवश उन दीवारों को नहीं तोड़ा गया जो अब पानी की बहाव की वजह से टूट गई हैं। यह दीवारें पुल के स्ट्रक्चर का हिस्सा नहीं है और इसके टूटने से पुल को कोई खतरा भी नहीं है। जो दीवारें टूट गई हैं उन्हें हटा दिया जायेगा।
बता दें कि भागलपुर को पूर्णिया और सिमांचल समेत पूर्वी बिहार से जोड़ने वाले विक्रमशिला सेतु की लंबी करीब साढ़े चार किलोमीटर है। इस पुल का उद्घाटन पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने किया था जिसके बाद से यह लाइफलाइन बन गया है।
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भागलपुर से सुशील की रिपोर्ट