कोलकाता: चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल समेत पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव की घोषणा कर दी है जिसके बाद सभी राज्य समेत दिल्ली तक राजनीतिक गहमागहमी का माहौल है। सभी राज्यों में सबसे अधिक राजनीतिक चर्चा पश्चिम बंगाल में है जहां इस बार सत्ता में आने के लिए भाजपा एड़ी छोटी एक कर रही है तो दूसरी तरफ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी अपनी पूरी रणनीतिक तैयारी के साथ मैदान में डटी हुई हैं। दो चरणों में होने वाले चुनाव के लिए भाजपा ने अपने दिग्गज नेताओं को उतारना शुरू कर दिया है और जनता में अपनी पार्टी के प्रति विश्वास जगाने के लिए कई लोकलुभावन वादे और घोषणाएं भी कर रही हैं।
पश्चिम बंगाल चुनाव के लिए पार्टी की तरफ से अन्य दिग्गज नेता तो लगातार अपना कार्यक्रम तैयार कर ही रहे हैं इसके साथ ही प्रधानमंत्री मोदी भी ताबड़तोड़ चुनाव प्रचार करने के लिए पहुंचेंगे। एक जानकारी के अनुसार पीएम मोदी अगले महीने पश्चिम बंगाल में 14 रैली और रोडशो करने जा रहे हैं। वहीं गृह मंत्री अमित शाह भी रणनीति निर्माण के साथ ही 8 रैलियां और रोड शो करने का भी मन बना चुके हैं, साथ राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन भी 7 रैली और रोड शो करने वाले हैं। इस मामले में भाजपा के सूत्रों की मानें तो प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के साथ ही कई भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और अन्य केंद्रीय मंत्रियों के दौरे भी होने वाले हैं।
यह भी पढ़ें - ईद के अवसर पर राजद कार्यालय में छुट्टी, कभी होती थी हजारों की भीड़, आखिर क्या है वजह...
भाजपा के सूत्रों के अनुसार पश्चिम बंगाल में राजनाथ सिंह, पियूष गोयल, जेपी नड्डा समेत अन्य नेता भी पहुंचेंगे वहीं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी करीब 8 जनसभा और रोड शो करेंगे। बताया जा रहा है कि योगी आदित्यनाथ का मांग काफी प्रत्याशी कर रहे हैं जिसकी वजह से उनके दौरे की संख्या में बढ़ोतरी भी हो सकती है।
भाजपा के साथ ही सत्ताधारी दल टीएमसी और अन्य दल भी अपनी राजनीतिक और रणनीतिक तैयारियों के साथ ही चुनाव प्रचार में भी पुरी ताकत झोंकने की तैयारी कर चुकी है। फ़िल्मी एक्टर और टीएमसी के सांसद मिथुन चक्रवर्ती के अब तक 10 जनसभाएं और रोड शो का कार्यक्रम बन चुका है। इसके साथ ही कांग्रेस भी अपने नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत अन्य दिग्गज नेताओं को चुनाव प्रचार में उतारने की तैयारी में जुटी हुई है।
यह भी पढ़ें - राजस्व कर्मियों के हड़ताल से सबसे अधिक प्रभावित हैं आम लोग, जायज मांगों पर होनी चाहिए..