पटना के होटल मौर्य में आज RJD की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेता लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, मीसा भारती और संजय यादव सहित कई नेता मौजूद रहे। यह बैठक बिहार विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद RJD की पहली बड़ी रणनीतिक बैठक थी। बैठक में पार्टी के भविष्य की दिशा और आगामी रणनीतियों पर मंथन हुआ। पार्टी नेताओं ने खुलकर तेजस्वी यादव के पक्ष में अपनी राय रखी। सूत्रों के अनुसार, बैठक में निर्णय लिया गया कि तेजस्वी यादव को RJD का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाया जाएगा। पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने इसे सकारात्मक कदम बताया और तेजस्वी यादव के नेतृत्व में पार्टी को नया जोश मिलने की उम्मीद जताई।

देश के 27 राज्यों के प्रदेश अध्यक्ष भी इस बैठक में शामिल हुए, जिससे इस बैठक का राष्ट्रीय स्तर पर महत्व और बढ़ गया। नेताओं का मानना है कि बिहार चुनाव में मिली हार के बाद पार्टी को पुनर्गठन और नई रणनीति की आवश्यकता है। तेजस्वी यादव को कार्यकारी अध्यक्ष बनाने का निर्णय इसी दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषक इसे RJD की नई शुरुआत के तौर पर देख रहे हैं। उनका कहना है कि युवा नेतृत्व तेजस्वी यादव के साथ पार्टी को नई ऊर्जा, संगठनिक मजबूती और आगामी चुनावों में बेहतर तैयारी की दिशा में आगे ले जा सकता है।RJD के इस बदलाव से स्पष्ट संदेश जाता है कि पार्टी अब युवा नेतृत्व और रणनीतिक पुनर्गठन के जरिए भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार है।

वहीँ रोहिणी आचार्य, लालू यादव की बेटी ट्वीटर पर बीते दिन ट्वीट किया है , उन्होने साफ कहा कि पार्टी की कमान आज उन लोगों के हाथों में है जिन्हें कथित तौर पर लालूवाद को खत्म करने का काम सौंपा गया है। उन्होंने कहा कि इस तरह के लोग सवालों से बचते हैं, भ्रम फैलाते हैं और पार्टी हित में काम करने वालों के साथ अमर्यादित व्यवहार करते हैं। रोहिणी ने चेतावनी दी कि अगर ऐसे लोगों ने चुप्पी साध रखी है, तो यह मिलीभगत और साजिश का प्रमाण है।