बिहार विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने अपने भविष्य की दिशा तय करने के लिए 25 जनवरी को राष्ट्रीय कार्यकारिणी की अहम बैठक बुलाई है। यह बैठक सुबह 12 बजे पटना के होटल मौर्या में आयोजित होगी। इसमें पार्टी के वरिष्ठ नेता लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी भी शामिल होंगे। सूत्रों के मुताबिक, यह बैठक पार्टी के संगठनात्मक ढांचे में बड़े बदलाव की संभावना रखती है। खासकर तेजस्वी यादव को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाने पर विचार चल रहा है। लालू यादव की बढ़ती उम्र और स्वास्थ्य की चुनौतियों को देखते हुए युवा नेतृत्व को जिम्मेदारी सौंपने की तैयारी मानी जा रही है। हालांकि अभी तक इसकी औपचारिक घोषणा नहीं हुई है।

बैठक में देश के 27 राज्यों के प्रदेश अध्यक्ष भी शामिल होंगे। इसके अलावा राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य और 200 से अधिक डेलिगेट्स इस बैठक में भाग लेंगे। बाहर से आए नेताओं को होटल मौर्या में ठहराया गया है। बैठक से पहले रोहिणी आचार्य ने पार्टी की मौजूदा स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि “लालूवाद को तहस-नहस किया जा रहा है और पार्टी की असली कमान कुछ ऐसे लोगों के हाथों में है, जो पार्टी के उद्देश्य और आदर्शों के खिलाफ काम कर रहे हैं।” रोहिणी ने यह भी कहा कि पार्टी के अंदर ईमानदार और सच्चे लालूवादी नेताओं की आवाज को दबाया नहीं जा सकता।
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सूत्रों का कहना है कि विधानसभा चुनाव में पार्टी के खिलाफ काम करने वाले नेताओं पर कार्रवाई और भविष्य की रणनीति भी बैठक के मुख्य एजेंडे में होगी। तेजस्वी यादव पहले ही पार्टी के कई अहम फैसले ले रहे हैं और उनका प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। इस बैठक को राजद के लिए नए राजनीतिक युग की शुरुआत माना जा रहा है। यह स्पष्ट है कि पार्टी अब युवा नेतृत्व के साथ नई रणनीति के जरिए आगे बढ़ने की तैयारी कर रही है, ताकि हार के बाद अपने आधार और जनता के विश्वास को फिर से मजबूत किया जा सके।