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अस्पताल बना अखाड़ा! बेतिया जीएमसीएच में जूनियर डॉक्टरों पर गुंडागर्दी का आरोप

बेतिया जीएमसीएच में इलाज के नाम पर गुंडागर्दी का आरोप लगा है, जहां जूनियर डॉक्टरों और मेडिकल इंटर्न छात्रों पर मरीज के परिजनों की बेरहमी से पिटाई करने का मामला सामने आया है।

betiya ka asptal bana akhada
अस्पताल बना अखाड़ा! बेतिया जीएमसीएच में जूनियर डॉक्टरों पर गुंडागर्दी का आरोप- फोटो : फाइल फोटो

पश्चिम चम्पारण के बेतिया स्थित सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल (जीएमसीएच) में एक बार फिर जूनियर डॉक्टरों और मेडिकल इंटर्न छात्रों पर गंभीर आरोप लगे हैं। अस्पताल में भर्ती एक मरीज के परिजनों के साथ कथित तौर पर मारपीट का मामला सामने आया है। आरोप है कि इलाज के दौरान हुए मामूली विवाद के बाद करीब दस से अधिक जूनियर डॉक्टरों और इंटर्न छात्रों ने मरीज के परिजनों को लात-घूंसे और जूतों से पीटा।

घटना 22 जनवरी 2026 की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, मरीज सुशीला देवी को उनके परिजन पटना से इलाज के लिए बेतिया ला रहे थे। रास्ते में मरीज की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें जीएमसीएच लाया गया। इलाज के दौरान डॉक्टर द्वारा मरीज का ऑक्सीजन मास्क हटाए जाने को लेकर परिजनों ने सवाल किया, जिस पर डॉक्टर और परिजनों के बीच हल्का विवाद हो गया। आरोप है कि कुछ ही देर में दर्जनों मेडिकल इंटर्न छात्र मौके पर पहुंचे और मरीज के बेटे विशाल राज तथा उसके भाई अमन ठाकुर के साथ बेरहमी से मारपीट की।

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पीड़ित युवक के पिता ज्ञानप्रकाश ने बताया कि उनके बेटे ने डॉक्टर से सिर्फ इतना पूछा था कि ऑक्सीजन मास्क क्यों हटाया गया है। इसी बात पर उनके बेटे को गुंडों की तरह पीटा गया। मारपीट का वीडियो भी सामने आया है, जो अस्पताल परिसर में हुई इस घटना की गवाही देता है। मरीज क्रिश्चियन क्वार्टर, बेतिया की रहने वाली बताई जा रही है। इस मामले में जीएमसीएच की अधीक्षक डॉ. सुधा भारती ने बताया कि मरीज गंभीर हालत में अस्पताल पहुंची थी और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इसके बाद परिजनों और डॉक्टरों के बीच विवाद हुआ।

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गौरतलब है कि इससे पहले भी जीएमसीएच में इंटर्न छात्रों द्वारा जीविका दीदियों और अन्य मरीजों के परिजनों के साथ मारपीट के मामले सामने आ चुके हैं। कुछ मामलों में कार्रवाई की बात कही गई, लेकिन परिजनों का आरोप है कि सख्त प्रशासनिक कदम नहीं उठाए गए। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं से अस्पताल की व्यवस्था और सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।


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