दरभंगा: बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद ख़ान मंगलवार को दरभंगा पहुंचे। इस दौरान वे दरभंगा राजघराने के कल्याणी निवास गए, जहां उन्होंने दिवंगत महारानी कामसुन्दरी साहिबा के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद राज्यपाल ने शोकाकुल राजपरिवार से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी।
गौरतलब है कि इसी दिन महारानी कामसुन्दरी साहिबा का अंतिम श्राद्धकर्म भी संपन्न हुआ। श्रद्धांजलि कार्यक्रम के बाद राज्यपाल आरिफ मोहम्मद ख़ान ने मीडिया से बातचीत में कहा कि दरभंगा राजघराने का देश और समाज के लिए, विशेषकर शिक्षा के क्षेत्र में, ऐतिहासिक और सराहनीय योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि राजघराने ने हमेशा समाज सेवा और शिक्षा को प्राथमिकता दी है, जो आज भी लोगों के लिए प्रेरणा है।
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राज्यपाल ने यह भी बताया कि छात्र जीवन के दौरान अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में पढ़ाई के समय उन्हें दरभंगा राजघराने को जानने और समझने का अवसर मिला था। उन्होंने कहा कि राजपरिवार की सेवाभावी परंपरा और राष्ट्र निर्माण में उनका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह सामाजिक और शैक्षणिक परंपरा आगे भी इसी तरह जारी रहेगी।
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इस मौके पर महारानी के पौत्र कुमार कपिलेश्वर सिंह और उनके बड़े भाई कुमार राजेश्वर सिंह ने कहा कि दिवंगत महारानी को श्रद्धांजलि देने स्वयं राज्यपाल का आना राजपरिवार के लिए गर्व और सम्मान की बात है। उन्होंने बताया कि राज्यपाल ने राजघराने के सामाजिक और शैक्षणिक कार्यों की सराहना करते हुए भविष्य में भी शिक्षा के क्षेत्र में योगदान जारी रखने के लिए प्रेरित किया। श्राद्धकर्म और श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान राजपरिवार के सदस्य, कई गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में शुभचिंतक मौजूद रहे। सभी ने दिवंगत महारानी के सामाजिक कार्यों और सेवाओं को याद करते हुए उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया।