जहानाबाद के कड़ौना थाना क्षेत्र स्थित गुरुकुल हॉस्टल में 6 अप्रैल को हुई मासूम छात्र की हत्या ने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया था। घटना के बाद इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल था, लेकिन अब पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले का खुलासा कर दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी अपराजित लोहान ने खुद इसकी मॉनिटरिंग की और सदर एसडीपीओ मनीष चंद्र चौधरी के नेतृत्व में विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया। टीम ने तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया। शुरुआती जांच में पुलिस ने हॉस्टल संचालक तरुण कुमार उर्फ गांधी को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसके बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
यह भी पढ़ें : TRE-4 परीक्षा की मांग को लेकर अनशन पर बैठे अभ्यर्थी, छात्राओं के बेहोश होने पर कर दिया सड़क जाम
जांच के दौरान पुलिस का शक हॉस्टल में कार्यरत कैंटीन गार्ड मुकेश कुमार उर्फ सुदामा पर गया। हिरासत में लेकर जब उससे सख्ती से पूछताछ की गई, तो उसने हत्या की बात कबूल कर ली। आरोपी ने खुलासा किया कि वह अपने निजी जीवन से बेहद परेशान था। पत्नी के छोड़कर चले जाने के कारण वह मानसिक तनाव में था। इसके अलावा हॉस्टल संचालक के साथ उसके संबंध भी खराब थे।
यह भी पढ़ें : 10 मौतों के पीछे कौन? पुलिस के खुलासे ने खोल दी खौफनाक साजिश
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने हॉस्टल को बदनाम कर बंद करवाने की नीयत से इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया। जांच में सीसीटीवी फुटेज अहम सबूत साबित हुआ, जिसमें आरोपी की गतिविधियां संदिग्ध पाई गईं। वहीं पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने हत्या की पुष्टि करते हुए जांच को मजबूत आधार दिया। एसपी अपराजित लोहान ने बताया कि पुलिस ने तेजी और सटीक तरीके से कार्रवाई करते हुए मामले का खुलासा किया है। उन्होंने कहा कि आरोपी के खिलाफ स्पीडी ट्रायल चलाकर उसे जल्द से जल्द कड़ी सजा दिलाई जाएगी। फिलहाल पुलिस आगे की कानूनी प्रक्रिया में जुटी है। यह घटना समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी है, वहीं पीड़ित परिवार को जल्द न्याय दिलाने का भरोसा प्रशासन ने दिया है।





