पटना: बीते दिन राजधानी पटना में सोना व्यवसायी से कस्टम अधिकारी बन कर भारी मात्रा में सोना लूट मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने करीब साढ़े पांच किलो सोना के साथ ही तीन शातिरों को गिरफ्तार कर लिया है साथ ही नकद राशि भी बरामद की गई। बताया जा रहा है कि गिरफ्तार आरोपियों में एक आरोपी का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है और उसके विरुद्ध लूट और डकैती के मामले पहले से भी दर्ज हैं। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि लूट के बाद उनलोगों ने सोना को गला दिया था और कहीं अन्यत्र रखे हुए हैं। इस मामले में कुल 8-10 अपराधियों का हाथ है जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। मामले की छानबीन में स्वर्ण व्यवसायी के द्वारा भी लापरवाही का मामला सामने आया है।

मामले की जानकारी देते हुए पटना के एसएसपी कार्तिकेय के शर्मा ने बताया कि बीते दिन भारी मात्रा में सोना लूट मामले में पुलिस SIT गठित कर लगातार छानबीन कर रही थी। छानबीन के दौरान पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अपराधियों की पहचान अमरनाथ उर्फ़ गोपी, आदित्य गिरी और संजय कुमार के रूप में की गई। पुलिस ने अमरनाथ उर्फ़ गोपी के पास से 5 किलो 400 ग्राम सोना बरामद किया गया है। इन लोगों ने लूटे गए सोना को गला दिया था और कहीं और रखा था। इसके साथ ही अमरनाथ के घर 1 लाख 57 हजार रूपये नकद और 9 कारतूस भी बरामद किया गया है।

पटना के एसएसपी ने बताया कि पकडे गए तीनों लोगों के अन्य सहयोगियों की भी जानकारी मिली है जबकि इनका भी आपराधिक इतिहास रहा है। आदित्य गिरी के विरुद्ध पटना सिटी में मारपीट का केस दर्ज है जबकि अमरनाथ के विरुद्ध लूट और डकैती के कई मामले दर्ज हैं। नालंदा से वह जेल भी जा चुका है। घटना में शामिल अन्य लोगों को गिरफ्तार करने के लिए भी छापेमारी की जा रही है। उन्होंने बताया कि घटना में शामिल सभी लोग लूट के तुरंत बाद बिहार के बाहर अलग अलग राज्य और शहरों में चले गए थे और सभी बाहर ही छुपे हुए हैं।

यह भी पढ़ें    -    मैं नीतीश जी को बधाई नहीं दूंगा, मांझी ने कहा 'बिहार विल मिस यू...', पीएम ने कहा 'उनके अनुभव का देश लेगा लाभ'

पटना एसएसपी ने कहा कि हमलोग लगातार छानबीन में लगे हैं और छापेमारी की जा रही है जल्द ही शेष सोना भी बरामद कर लिया जायेगा। उन्होंने बताया कि घटना में दो सक्रिय गिरोह के 8-10 अपराधी शामिल थे जिनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। एसएसपी ने बताया कि जब भी ये लोग सोना लेकर आते थे तो अपराधियों को आसानी से हर बार सूचना मिल जाती थी कि आ रहे हैं और कितना सोना लेकर आ रहे हैं। इस बार उन्हें मौका मिल गया तो उन लोगों ने घटना को अंजाम दे दिया। यह गिरोह करीब डेढ़ वर्षों से रेकी कर रहा था और अब घटना को अंजाम दिया है।

पटना एसएसपी ने बताया कि ऐसा देखा जा रहा है कि पटना के स्वर्ण कारोबारी भी काफी लापरवाही बरत रहे हैं। जब इतनी भारी मात्रा में सोना लेकर वे लोग आ रहे हैं तो न सुरक्षा के लिए पुलिस को जानकारी देते हैं और न ही कोई प्राइवेट गाड़ी से आते हैं। इस मामले में भी अपराधी करीब डेढ़ वर्षों से रेकी कर रहे थे। लूट कांड में शामिल कुछ लोग स्वर्ण व्यवसायी के यहां काम भी कर रहे थे और सभी अपराधियों को इनके आने जाने की जानकारी आसानी से उपलब्ध होती थी। ये लोग अगर पुलिस को जानकारी देते तो उन्हें पूरी सुरक्षा दी जाती लेकिन ऐसा नहीं किया गया। उन्होंने मीडिया के माध्यम से स्वर्ण व्यवसायियों से अपील की कि आगे से इस तरह की लापरवाही न बरतें और पुलिस की जानकारी में ही भारी मात्रा में सोना लेकर निकलें।

पटना एसएसपी ने कहा कि स्वर्ण व्यवसायी कुछ रूपये बचाने के लिए इस तरह की लापरवाही करते हैं जिसका बुरा अंजाम भुगतना पड़ता है। मैं अपील करता हूं कि सरन व्यवसायी इस तरह की लापरवाही न करें। सोना के पूरे कागजात अपने साथ रखें और जब भी आयें या कहीं जाएँ सोना लेकर तो पुलिस को सूचना दें उन्हें पूरी सुरक्षा दी जाएगी।

यह भी पढ़ें    -    नीतीश कुमार के शपथग्रहण पर भड़के तेजस्वी, कहा कौन सा पीएम का ले रहे हैं, NDA को भी सुना दिया'

पटना से चंदन तिवारी की रिपोर्ट

YouTube Video