इस सप्ताह जहां एक ओर पूरा देश देवी शक्ति की आराधना में लीन है, वहीं दूसरी ओर पटना जिले से आई एक खबर इंसानियत को झकझोर देने वाली है। जिस समय हम नारी शक्ति का सम्मान करने की बात करते हैं, उसी समय एक मासूम के साथ हुई यह शर्मनाक घटना हमारी सामाजिक संवेदनाओं पर बड़ा सवाल खड़ा करती है।
पटना जिले के बाढ़ अनुमंडल अंतर्गत भदौर थाना क्षेत्र में बुधवार की रात एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई। चैती दुर्गा पूजा के अवसर पर गांव में लगे मेले में अपने परिवार के साथ पहुंची तीन वर्षीय बच्ची अचानक भीड़ में लापता हो गई। परिजनों को जब बच्ची के गायब होने का एहसास हुआ तो उन्होंने मेले में उसकी तलाश शुरू कर दी, लेकिन काफी खोजबीन के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं मिला।
इसी दौरान परिजन मंदिर के पीछे पहुंचे, जहां से उन्हें रोने की आवाज सुनाई दी। जब वे आवाज की दिशा में बढ़े तो वहां का मंजर देखकर उनके होश उड़ गए। बच्ची खून से लथपथ हालत में पड़ी थी और दर्द से कराह रही थी। उसकी हालत देखकर साफ अंदाजा लगाया जा रहा था कि उसके साथ दरिंदगी की गई है। परिजन बिना समय गंवाए बच्ची को तुरंत बाढ़ अनुमंडलीय अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया। फिलहाल बच्ची का इलाज पटना में जारी है, लेकिन वह गहरे सदमे में है और घटना के बारे में कुछ भी बता पाने की स्थिति में नहीं है।
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घटना की सूचना मिलते ही भदौर थाना पुलिस हरकत में आ गई। थाना अध्यक्ष शत्रुघ्न कुमार ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पीड़ित परिवार की लिखित शिकायत दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया है और फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम को बुलाकर साक्ष्य जुटाए गए हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बच्ची के निजी अंग से रक्तस्राव हुआ था, हालांकि अंतिम पुष्टि मेडिकल और FSL रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी।
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पुलिस का कहना है कि आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी के लिए सभी संभावित पहलुओं पर जांच की जा रही है। घटना के बाद पूरे इलाके में भय और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से दोषी को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की है। यह घटना न सिर्फ कानून व्यवस्था बल्कि समाज की सोच पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती है।




