पटना: बिहार में नई सरकार के गठन को लेकर हलचल काफी तेज है। अब माना जा रहा है कि अगले दो दिनों में बिहार को नीतीश कुमार के बदले नया मुख्यमंत्री मिल जाएगा। चर्चा काफी तेज है कि बिहार में भाजपा पहली बार अपना मुख्यमंत्री बनाएगी और इसके लिए कई नेताओं का नाम रेस में आगे है। बिहार में विधायक दल का नेता चुनने के लिए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है। सूत्रों से जानकारी मिल रही है कि नई सरकार के गठन को लेकर कैबिनेट विस्तार की भी तैयारी कर ली गई है। सूत्रों से मिली जानकारी राज्य में 32 से 33 मंत्रियों के साथ कैबिनेट बनाई जा सकती है।

संभावित फॉर्मूला के अनुसार बिहार की नई कैबिनेट में भाजपा कोटे से 15, जदयू कोटा से 14, लोजपा(रा) के 2, हम और रालोमो के एक एक मंत्री बनाए जा सकते हैं। बताया जा रहा है कि बिहार में नई कैबिनेट को लेकर भाजपा के अंदरखाने में बात तय हो गई है। इसे लेकर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, बिहार प्रभारी विनोद तावड़े के बीच करीब एक घंटे तक गहन मंथन की गई। सूत्रों का दावा है कि सीएम फेस और कैबिनेट की लिस्ट लगभग बन कर तैयार हो गई है। जानकारी मिल रही है कि भाजपा आलम कोटे के मंत्रियों में बदलाव भी कर सकती है। इस बार कैबिनेट में क्षेत्रीय संतुलन पर खास ध्यान दिया जा रहा है। खासकर मिथिलांचल क्षेत्र से नए चेहरों को मौका मिलने की संभावना जताई जा रही है, क्योंकि पिछले कैबिनेट में इस क्षेत्र से मंत्रिमंडल में कम चेहरे देखने को मिले थे। फिलहाल नई कैबिनेट को लेकर बताया जा रहा है कि सबकुछ फाइनल कर लिया गया है, बस आधिकारिक एलान होना बाकी है।