पटना जिले के बाढ़ अनुमंडल से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां इलाज के नाम पर चल रहे एक क्लीनिक के भीतर अवैध हथियारों का कारोबार संचालित किया जा रहा था। इस खुलासे के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। मामला बेलछी थाना क्षेत्र के वराह गांव का है। स्थानीय लोगों की शिकायत पर बाढ़ अनुमंडल पुलिस ने गुप्त रूप से जांच शुरू की थी। लगातार मिल रही सूचनाओं के आधार पर पुलिस को संदेह हुआ कि क्लीनिक की आड़ में कुछ गैरकानूनी गतिविधियां चल रही हैं।
यह भी पढ़ें : नए सीएम के शपथ ग्रहण में शामिल होने PM आयेंगे पटना, जोरशोर से की जा रही तैयारी
एसडीपीओ बाढ़-2 आयुष श्रीवास्तव के नेतृत्व में पुलिस टीम ने योजनाबद्ध तरीके से छापेमारी की। जैसे ही पुलिस क्लीनिक पहुंची, वहां का नजारा चौंकाने वाला था। तलाशी के दौरान मौके से कई अवैध आग्नेयास्त्र, जिंदा कारतूस और करीब 1 लाख 25 हजार रुपये नकद बरामद किए गए। पुलिस ने मौके से क्लीनिक संचालक त्रिपुरारी कुमार सिंह को गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी का आपराधिक इतिहास रहा है और वह पहले भी अपहरण जैसे गंभीर मामले में जेल जा चुका है।
यह भी पढ़ें : सत्यनारायण पूजा के बाद मचा हडकंप! प्रसाद खाते ही बिगड़ी तबियत - सवालों में पूरा मामला
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी लंबे समय से इस अवैध धंधे में सक्रिय था और क्लीनिक को केवल एक कवर के तौर पर इस्तेमाल कर रहा था। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस गिरोह से और कौन-कौन लोग जुड़े हैं। इस घटना ने स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर चल रहे अवैध गतिविधियों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में शामिल अन्य लोगों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।




