यूजीसी कानून को लेकर बिहार में विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। छात्रों और युवाओं का कहना है कि यह कानून उनके भविष्य के लिए घातक साबित होगा। इसी कड़ी में कैमूर जिले में युवाओं ने जोरदार विरोध मार्च निकाला, वहीं सुपौल जिले में इस कानून के खिलाफ संगठनात्मक रूप से आंदोलन को आगे बढ़ाने की तैयारी शुरू हो गई है। कैमूर जिले के रामगढ़ नगर में यूजीसी कानून के विरोध में युवाओं का गुस्सा सड़कों पर साफ देखने को मिला। बड़ी संख्या में छात्र और युवा दुर्गा चौक पर एकत्र हुए और वहां से जीबी कॉलेज तक शांतिपूर्ण विरोध मार्च निकाला। यह जुलूस रामगढ़ बाजार के मुख्य मार्गों से गुजरते हुए कॉलेज परिसर तक पहुंचा। मार्च के दौरान युवाओं ने हाथों में तख्तियां लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।“यूजीसी कानून वापस लो” और “युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ बंद करो” जैसे नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा।
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प्रदर्शन कर रहे युवाओं का कहना है कि यूजीसी कानून से उच्च शिक्षा व्यवस्था कमजोर होगी और छात्रों के अधिकारों पर असर पड़ेगा। उनका आरोप है कि इस कानून से न केवल पढ़ाई का स्तर प्रभावित होगा, बल्कि रोजगार के अवसरों पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। युवाओं ने सरकार से मांग की कि इस कानून को तुरंत वापस लिया जाए। साथ ही चेतावनी दी कि अगर मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
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हालांकि यह पूरा विरोध मार्च शांतिपूर्ण रहा। किसी भी तरह की अव्यवस्था से निपटने के लिए रामगढ़ थाना की पुलिस बल मौके पर मौजूद रही और स्थिति पर नजर बनाए रखी। वहीं दूसरी ओर सुपौल जिले में यूजीसी कानून के विरोध को लेकर गांधी मैदान स्थित दुर्गा स्थान परिसर में सवर्ण समाज की एक अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक में सर्वसम्मति से सुपौल S-4 संघर्ष समिति का गठन किया गया। समिति ने आने वाले दिनों में जनसंपर्क अभियान चलाकर आंदोलन को और व्यापक बनाने का निर्णय लिया।