पटना: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दिल्ली जाने के बाद नए मुख्यमंत्री को लेकर अटकलें तेज हो गई है। नए सीएम की रेस में गृह मंत्री सम्राट चौधरी का नाम सबसे आगे है जबकि उनके साथ ही गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय समेत अन्य कई नेताओं का नाम भी सामने आ रहा है। शुक्रवार दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने बिहार के नये नेतृत्व पर चर्चा करने के लिए एक बड़ी बैठक भी बुलाई है लेकिन इस बीच गुरुवार को राजधानी पटना में बड़ा मामला सामने आया है।
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गुरुवार को राजधानी पटना में स्थित भाजपा कार्यालय के बाहर गृह मंत्री सम्राट चौधरी को सीएम बनाये जाने की मांग को लेकर पोस्टर लगाये गए थे। पोस्टर लगाये जाने के कुछ देर बाद ही उसे फाड़ भी दिया गया जिसके बाद मौके पर गजब का माहौल बन गया। बताया जा रहा है कि बाल्मीकि समाज संघ के नाम से अपील करते हुए पोस्टर लगाया गया था जिस्मने लिखा था कि 'बाल्मीकि समाज संघ की यही पुकार बिहार में हो सम्राट की सरकार। भाजपा को हमने दिया है हर संभव साथ, ठेकेदारी प्रथा आपकी सरकार में हो समाप्त। इस पोस्टर को भाजपा नेता राजेश कुमार की तरफ से लगाया गया है। पोस्टर लगाये जाने के कुछ देर बाद ही वहां मौजूद सुरक्षा गार्डों ने फाड़ दिया।
सम्राट चौधरी को सीएम बनाये जाने की मांग वाली पोस्टर लगाये जाने और कुछ ही देर में उसे फाडे जाने को लेकर अब राज्य की सियासी गलियारों में कई तरह की चर्चा शुरू हो गई है। वहीं मामले में भाजपा के मीडिया प्रभारी डेनिश इकबाल ने कहा कि किसने पोस्टर लगाया और किसने फाड़ा, इसके बारे में मुझा कुछ भी पता नहीं है। इस पोस्टर को लगाने का उद्देश्य और इसकी जानकारी भी हमें नहीं है। साथ ही उन्होंने कहा कि भाजपा के कार्यकर्ता ने यह पोस्टर नहीं लगाया है, जिसने भी इसे पोस्टर लगाया है उसका भाजपा से कोई लेना देना नहीं है। वहीं सम्राट चौधरी को सीएम बनाये जाने की मांग पर उन्होंने कहा कि कौन क्या मांग कर रहा है इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है, भाजपा बड़ी पार्टी है और निर्णय सामूहिक तौर पर ही लिया जायेगा।
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