राजधानी पटना में कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग की सक्रियता की आशंका ने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है। बीते 22 जनवरी को पुलिस और एसटीएफ को गुप्त सूचना मिली कि बेऊर थाना क्षेत्र के न्यू बाईपास के पास अपराधी परमानंद यादव उर्फ “नेपाली” किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की तैयारी में है। सूचना के आधार पर टेक्निकल टीम और एसटीएफ ने संयुक्त छापेमारी की। पुलिस को देखते ही परमानंद यादव अपने तीन सहयोगियों के साथ भागने लगा और इस दौरान उसने पुलिस पर फायरिंग कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में परमानंद यादव के पैर में गोली लगी, जबकि उसके तीन साथी मौके से फरार हो गए।
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फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस ने तेजी से कार्रवाई की और नीरज कुमार उर्फ विक्की, चंदन कुमार और शिवानंद को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों के ठिकानों से एक देसी रिवॉल्वर, कई जिंदा कारतूस, 40,000 रुपये नकद, 5,110 रुपये की विदेशी मुद्रा और पासपोर्ट बरामद हुआ। जांच में पता चला कि आरोपी मलेशिया की यात्रा कर चुका है और नेपाल आना-जाना भी करता रहा है।
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पुलिस का कहना है कि परमानंद यादव पर झारखंड में दो दर्जन से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। शुरुआती जांच में यह संकेत भी मिला है कि यह गिरोह लॉरेंस बिश्नोई नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है। पटना पुलिस फिलहाल पूरे नेटवर्क की गहन जांच में जुटी हुई है। फरार आरोपियों की तलाश जारी है। यह मामला पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है।