पटना: इन दिनों एक तरफ सरकार युवाओं को अधिक से अधिक स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित कर रही है तो दूसरी तरफ आज के युवा भी स्वरोजगार की दिशा में अपना कदम आगे बढ़ा रहे हैं। लेकिन इस सबके बीच कुछ ऐसे भी लोग हैं जो इन युवाओं को अवसर देने के नाम पर उनके साथ धोखाधड़ी का खेल खेलते हैं। ऐसे ही एक मामले को उजागर किया है पटना पुलिस ने, जिसके तहत पुलिस ने हरियाणा के गुरुग्राम से एक दंपत्ति को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि दंपत्ति ने बिहार में करीब 100 करोड़ रूपये से अधिक की ठगी की और गुरुग्राम में छुपे हुए थे और वहां से भी वह लोग दुबई भागने की फ़िराक में थे लेकिन पहले ही पकड़ लिए गए। पुलिस ने इस मामले में 11 लोगों को भी आरोपी बनाया है और पूरे मामले की छानबीन की जा रही है।

मामले को लेकर पटना सिटी एसपी सेंट्रल दीक्षा ने बताया कि बीते वर्ष एक मामला पुलिस के संज्ञान में आया था जिसमें शिकायतकर्ता ने फ्रेंचाइजी दिलवाने के नाम पर फ्रॉड किये जाने के नाम पर 44 लाख रूपये ठगी का आरोप लगाते हुए तीन लोगों को नामजद बनाया था। इसके बाद पटना के अन्य कई थानों में भी करीब 7 मामले दर्ज हुए जिसमें ठगी का तरीका और आरोपी का नाम एक ही था। इसके बाद एक SIT गठित कर मामले की छानबीन शुरू की गई। इस मामले में मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी वारंट कोर्ट से लेने के बाद दो दिन पहले गुरुग्राम में गिरफ्तार किया गया और पटना लाया गया।

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सिटी एसपी सेंट्रल दीक्षा ने बताया कि मुख्य आरोपी राहुल कालरा और उनकी पत्नी रूचि कालरा को फ़िलहाल गिरफ्तार किया गया है जबकि अन्य आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई जारी है। इस केस में अब तक 10 से 12 करोड़ रूपये का गबन सामने आया है जबकि अभी छानबीन की जा रही है। छानबीन के दौरान बंगलौर समेत अन्य कई जगहों के मामले भी सामने आये हैं। सिटी एसपी ने बताया कि पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे लोग फ्रैंचाइज़ी दिलाने और इन्वेस्टमेंट करने के नाम पर लोगों से रूपये लेते थे और पुराने लोगों को कुछ रकम लौटाते थे। ये लोग अधिकतम लोगों के पैसे नहीं लौटा पा रहे थे।

सिटी एसपी ने बताया कि ठगी करने के लिए इनलोगों ने पटना के बोरिंग रोड, गांधी मैदान इलाके में एग्जिबिशन रोड समेत कई जगहों पर अपने ऑफिस खोल रखे थे और इनका पुराना और बढिया सेटअप देख कर लोग इनके झांसे में आ जाते थे तथा रूपये इन्हें देते थे। ये लोग बिहार से बाहर के रहने वाले हैं लेकिन ये लोग पटना के बुद्धा कॉलोनी इलाके में रहते थे। इन लोगों ने 2022 या उसके बाद से ठगी करना शुरू किया था और जिससे रूपये लेते थे उससे संपर्क तोड़ लेते थे। अधिक परेशान किये जाने पर कुछ रूपये लौटाते थे और फिर उससे संपर्क तोड़ लेते थे। ये लोग अपने कुछ पार्टनर के साथ लोगों को लुभावने सपने दिखाते थे और उनसे रूपये की ठगी करते थे।

सिटी एसपी ने बताया कि फ़िलहाल इन लोगों के पास से कोई खास सामान अभी बरामद नहीं हुआ है लेकिन पुलिस इनके द्वारा की गई ठगी के मामले में अभी जांच की जा रही है और कोर्ट के आदेशानुसार आगे इनकी संपत्ति की भी जांच की जाएगी तथा उसी अनुसार कार्रवाई भी की जाएगी।

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पटना से चंदन तिवारी की रिपोर्ट