पटना: बिहार में राज्य और केंद्र की सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर विकास पर लगातार काम कर रही है और विभिन्न इलाकों में सड़क एवं पुलों का जाल बिछाया जा रहा है। जिन इलाकों में सड़क पहले से बनी हुई है उस इलाकों में चौड़ीकरण का काम भी जोरों पर हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की महत्वाकांक्षी योजना के अनुसार बिहार में रोड कनेक्टिविटी पर खासा ध्यान दिया जा रहा है और लगातार नई योजनाओं पर भी काम जारी है। इसी कड़ी में कन्हौली-शेरपुर रिंग रोड के निर्माण के लिए भी तेजी से काम किया जा रहा है और अब इसके लिए जमीन अधिग्रहण की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है।

कन्हौली-शेरपुर रिंग रोड के लिए बिहटा और मनेर अंचल में मुआवजे को लेकर 75 जमीन मालिकों के आवेदन प्राप्त किये गए हैं। इन कागजातों की जांच प्रक्रिया चल रही है और फिर सभी को मुआवजा दे का र्ज्मिन अधिग्रहित की जाएगी। एक जानकारी के अनुसार रैयतों को मुआवजा वितरण होने पर मानसून के बाद रिंग रोड निर्माण कार्य शुरू किये जाने की संभावना है। आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सड़क निर्माण के लिए कुल 177 एकड़ जमीन अधिग्रहण होना है। रिंग रोड बन जाने से स्थानीय लोगों के साथ ही इस रास्ते से आवागमन करने वाले लोगों को काफी सहूलियत मिलेगी और भारी गाड़ियों को शहर के अंदर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी बल्कि वे शहर के बाहर से पटना पार कर सकेंगे।

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रिंग रोड निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद पटना में जाम की समस्या भी काफी हद तक कम होने की संभावना है। इस प्रोजेक्ट में करीब 777.80 करोड़ रूपये की लागत आ सकती है जो केंद्र और राज्य दोनों ही सरकार ही व्यय करेंगी। रिंग रोड परियोजना निर्माण के लिए पहले फंडिंग को लेकर कुछ अड़चन थी जो अब सहमति बनने के बाद रास्ता साफ हो गया है। जानकारी के अनुसार कन्हौली के समीप एक बड़ा जंक्शन बनाया जायेगा जिसे विभिन्न सडकों से जोड़ा जायेगा। इसके साथ ही इस सड़क के बन जाने से पटना, सारण और वैशाली जिले से हो कर निकलने में काफी आसानी होगी। साथ ही इस सड़क को शेरपुर-दिघवारा गंगा पुल और कच्ची दरगाह बिदुपुर पुल से भी जोड़ा जायेगा।

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