वैशाली: केंद्रीय मंत्री एवं लोजपा(रा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान सोमवार को वैशाली के सराय अंतर्गत अनवरपुर गांव पहुंचे जहां उन्होंने शौचालय की टंकी में उतरे चार लोगों की मौत मामले में परिजनों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने परिवार के लोगों से मुलाकात कर उन्हें ढाढस बंधाया और आर्थिक मदद भी की। इस दौरान मीडिया से बात करते हुए भी चिराग पासवान ने दुःख जाहिर की और कहा कि यह बहुत ही दुखद घटना है। हमलोगों की कोशिश है कि पीड़ित परिवार को हमसे जितना संभव हो सकता है उतना मदद करेंगे और परिवार के किसी एक सदस्य को कोई नौकरी भी दिलाने की कोशिश करेंगे। इस दौरान चिराग ने खुद को सीएम की रेस से बाहर बताते हुए अगले मुख्यमंत्री के चेहरे पर भी बड़ा बयान दिया।

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने घटना के संबंध में कहा कि किसी भी परिवार में एक साथ चार सदस्य की मृत्यु अत्यंत दुखद है और इसकी भरपाई कोई नहीं कर सकता है। आज हमलोगों ने यथासंभव परिवार की आर्थिक मदद की है साथ ही बातचीत कर रहे हैं कि कम से कम एक सदस्य की नौकरी लगाई जा सके। हम सरकार की तरफ से भी हर संभव मदद दिलाने की कोशिश में जुटे हैं और जो भी हो पायेगा करेंगे।

यह भी पढ़ें     -      अनंत सिंह की पटना वापसी: तीन लाख रसगुल्ले और भव्य दावत की तैयारी

नेता प्रतिपक्ष अपनी जिम्मेदारी से झाड़ रहे हैं पल्ला

वहीं दूसरी तरफ चिराग ने विपक्ष पर भी निशाना साधा और बिहार विधान सभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के लगातार बिहार से बाहर और मीडिया से दूर रहने के सवाल पर कहा कि वह नेता प्रतिपक्ष हैं लेकिन बिहार में विपक्ष पूरी तरह से निराश और हताश और नदारद दिख रहा है। नेता प्रतिपक्ष अपनी जिम्मेदारियों से भागते दिखते हैं। चुनावों में हार जीत लगी रहती है और ऐसे में पार्टी में वह राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष होने के नाते उन्हें अपने कार्यकर्ताओं के मनोबल को बढाये रखना चाहिए लेकिन जिस तरह से उन्होंने पार्टी, कार्यकर्ताओं और मीडिया से दूरी बनाये हुए हैं उससे लगता है कि वह अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाडे हुए हैं।

लगातार गायब रहना बढ़ा रहा है असंतोष

राज्यसभा चुनाव में अगर विपक्ष एकजुटता दिखाता तो संभवतः जीत सकते थे लेकिन वह अपनी पार्टी के एक विधायक को साथ में नहीं रख पाए और सहयोगी दल के आधे विधायक गायब दिखे तो  गठबंधन और पार्टी दोनों में असंतोष दिख रहा है। यह असंतोष उनके लगातार गायब रहने की वजह से है और जिस तरह से वह राज्यसभा चुनाव के बाद से गायब हैं तो यह चीज असंतोष और अधिक बढ़ा रहा है। इस समय राज्य में जिस तरह से हमलोग नेतृत्व परिवर्तन की दहलीज पर हैं ऐसे में उनकी भूमिका और भी बढ़ जाती है पर वह अपनी जिम्मेदारी से भाग रहे हैं जो कि नेता प्रतिपक्ष को शोभा नहीं देता है।

यह भी पढ़ें     -      BSEB 12वीं रिजल्ट आज दोपहर 1:30 बजे होगा जारी, लाखों छात्रों का इंतजार खत्म, ऐसे करें सबसे पहले चेक

ममता बनर्जी कर रहीं हैं तुष्टिकरण की राजनीति

इस दौरान उन्होंने पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम में भगवान की मूर्ति तोड़े जाने को लेकर कहा कि पश्चिम बंगाल की सोच ही इस तरह है कि वे लोग तुष्टिकरण की राजनीति करते हैं। इसी तुष्टिकरण के आधार पर ममता बनर्जी चुनाव लडती रहीं लेकिन इस बार बंगाल की जनता बदलाव चाहती है। इनकी तुष्टिकरण की राजनीति की वजह से ही वहां कभी हिंदुओं के साथ अत्याचार होता है तो कभी मूर्तियाँ तोड़ी जाती है तो कभी कुछ होता है।

भाजपा का हो मुख्यमंत्री

इस दौरान चिराग पासवान ने बिहार में अगले मुख्यमंत्री के सवाल पर कहा कि NDA में अगले मुख्यमंत्री को लेकर चर्चा ही है और जल्द ही उसका नाम आप सबके सामने भी आ जायेगा। NDA में हमलोग एकजुटता के साथ काम कर रहे हैं और सब मिल कर ही अगले मुख्यमंत्री का नाम तय करेंगे। इस दौरान उन्होंने अपने आप को मुख्यमंत्री की रेस में होने के सवाल पर कहा कि मैं कहीं से भी इस रेस में शामिल नहीं हूँ और हम चाहेंगे कि इस बार राज्य में भाजपा के मुख्यमंत्री हों।

यह भी पढ़ें     -      हाईकोर्ट से मिली राहत के बाद आज रिहा होंगे अनंत सिंह, पटना में भोज के साथ रोड शो की भी तैयारी

वैशाली से अभिषेक कुमार की रिपोर्ट