मुजफ्फरपुर: बीते 17 मार्च को मुजफ्फरपुर के गायघाट थाना क्षेत्र में पुलिस की फायरिंग में एक व्यक्ति की मौत मामले में अब बड़ी कार्रवाई की गई है। इस मामले में विपक्ष ने भी सरकार और पुलिस पर कई गंभीर आरोप लगाये थे और अब SSP कांतेश कुमार मिश्रा ने थानाध्यक्ष समेत पूरी छापेमारी टीम को सस्पेंड कर दिया है। SSP ने ग्रामीण एसपी राजेश कुमार की जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई करते हुए थानाध्यक्ष राजा सिंह समेत चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। जांच रिपोर्ट में ग्रामीण एसपी ने कहा है कि छापेमारी टीम ने सही निर्णय नहीं लिया इस वजह से यह घटना घटी है।

बता दें कि बीते 17 मार्च को गायघाट थाना क्षेत्र के चोरनिया गांव में पॉक्सो एक्ट के आरोपी को गिरफ्तार करने पहुंची पुलिस टीम पर स्थानीय लोगों ने हमला कर दिया था जिसके बाद थानाध्यक्ष ने फायरिंग की थी जिसमें एक किसान की मौत हो गई थी। मामले में एक तरफ जहां थानाध्यक्ष ने ग्रामीणों की उग्र हो गए और पुलिस पर हमला भी किया जिसके बाद जवाबी कार्रवाई करने की बात कही वहीं मृतक के पुत्र ने थानाध्यक्ष पर आरोप लगाया कि वह नशे में थे और किसान के सीने पर पिस्टल सटा कर गोली मार दी।

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मामले में लोगों ने पुलिस पर कई गंभीर आरोप लगाये। इसके बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव भी मृतक के परिवार से मिलने पहुंचे थे जहां उन्होंने पुलिस पर कई आरोप लगाये थे। वहीं मामले की जांच SSP ने ग्रामीण एसपी राजेश कुमार को सौंपी जिन्होंने अपने जांच रिपोर्ट में बताया है कि पर्याप्त पुलिस बल के बगैर ही थानाध्यक्ष राजा सिंह छापेमारी में चले गए थे और लोगों से घिरने के बाद फायरिंग कर दी। वहीं मामले में छापेमारी टीम ने कहा था कि पॉक्सो एक्ट के आरोपी को पकड़ने के दौरान लोगों ने लाठी डंडे से हमला कर दिया था जिसके बाद आत्मरक्षार्थ फायरिंग करनी पड़ी थी। जांच रिपोर्ट में एसपी ने लिखा है कि उक्त स्थल पर पहले भी तत्कालीन थानाध्यक्ष सरून कुमार मंडल का लोगों ने विरोध किया था जिसे नजरंदाज कर थानाध्यक्ष राजा सिंह अपर्याप्त पुलिस बल के साथ छापेमारी के लिए पहुंच गये थे।

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