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विकास की रफ्तार में कुचला जा रहा रोज़गार? मरीन ड्राइव के दुकानदार आखिर जाएं तो जाएं कहां?

जेपी गंगा पथ (पटना मरीन ड्राइव) पर करीब 400 से ज्यादा पुराने दुकानदारों ने रोजी-रोटी बचाने की मांग को लेकर नगर निगम के खिलाफ धरना-प्रदर्शन किया।

Where should the shopkeepers of Marine Drive go?
विकास की रफ्तार में कुचला जा रहा रोज़गार? मरीन ड्राइव के दुकानदार आखिर जाएं तो जाएं कहां?- फोटो : Darsh NEWS

पटना: जेपी गंगा पथ (पटना मरीन ड्राइव) पर शुक्रवार को सैकड़ों पुराने दुकानदारों ने धरना-प्रदर्शन किया। दुकानदारों का आरोप है कि नगर निगम उनकी रोजी-रोटी छीन रहा है और उनके साथ अन्यायपूर्ण व्यवहार किया जा रहा है। प्रदर्शन कर रहे दुकानदारों ने बताया कि दिसंबर 2025 में सभी पुराने दुकानदारों को नगर निगम की ओर से रिसीविंग दी गई थी। इस रिसीविंग में साफ लिखा था कि जब भी मरीन ड्राइव इलाके में स्थायी दुकान या स्टॉल बनाए जाएंगे, तो पहले से मौजूद दुकानदारों को ही दुकान आवंटित की जाएगी। लेकिन अब जब यहां फूड स्टॉल बनकर तैयार हो चुके हैं, तो पुराने दुकानदारों को अलग कर दिया गया है।

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दर्श न्यूज़ के संवादाता मनीष कुमार से बातचीत के दौरान दुकानदारों ने कहा कि वे कई सालों से इसी जगह पर दुकान लगाकर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। इसके बावजूद नगर निगम की टीमें रोज आकर उनकी दुकानों को हटवा देती हैं और उन पर जुर्माना भी लगाती हैं। इससे उनकी आर्थिक स्थिति और ज्यादा खराब होती जा रही है। प्रदर्शन कर रहे दुकानदारों ने कहा कि वे कोई अपराध नहीं कर रहे हैं, फिर भी सरकार और प्रशासन उनके साथ अपराधियों जैसा व्यवहार कर रहा है। उनका कहना है कि मरीन ड्राइव ही उनकी आय का एकमात्र साधन है। अगर उन्हें यहां से भी हटा दिया गया, तो उनके सामने परिवार चलाने का गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा।

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दुकानदारों ने सरकार और नगर निगम से अपील की है कि उनकी बात सुनी जाए और पहले दिए गए आश्वासन के अनुसार उन्हें दुकानें दी जाएं। करीब 400 से ज्यादा दुकानदारों ने एकजुट होकर इस धरना-प्रदर्शन में हिस्सा लिया और न्याय की मांग की। प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा और दुकानदारों ने साफ कहा कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, वे अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।


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