पटना: बड़ी खबर राजधानी पटना से है जहां एक मठ में विवादों को देखते हुए बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद ने बड़ा फैसला लेते हुए कमिटी भंग कर दी है। अब यह कमिटी पटना के जिलाधिकारी के अधीन रहेगी और जांच पूरी होने के बाद कमिटी का पुनर्गठन किया जायेगा। बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद ने भीखमदास ठाकुरबाड़ी के बैंक खातों की भी जांच करने का निर्देश दिया है। आरोप है कि ठाकुरबाड़ी के महंत परिसर में स्थित दुकानदारों को कई तरह से प्रताड़ित करते हैं साथ ही कई अन्य तरह से भ्रष्टाचार में लिप्त हो कर लाखों रूपये का गबन किया है।
मामले को लेकर ठाकुरबाड़ी परिसर में स्थित दुकान के संचालकों ने कहा कि इस कार्रवाई की मांग लंबे समय से की जा रही थी क्योंकि ठाकुरबाड़ी के महंत यहां भ्रष्टाचार में लिप्त हैं और कई जगहों पर मठ की जमीन समेत अन्य संपत्ति बेच कर अपने नाम से करोड़ों की संपत्ति अर्जित कर ली है। दुकानदार और स्थानीय लोगों ने बताया कि यह मंदिर काफी पुरानी है और यहां सबकुछ अच्छा चल रहा था लेकिन वर्तमान मठाधीश जब से आये हैं तब से बर्बादी शुरू हो गई है। लोगों ने कहा कि भ्रष्टाचार की आड़ में वह दुकानदारों को भी प्रताड़ित करने लगे और विभिन्न तरीकों से मुकदमों में भी फंसाने लगे हैं।
लोगों ने कहा कि यहां पहले गौशाला था लेकिन जब से पिता पुत्र ने ठाकुरबाड़ी का जिम्मा संभाला है तब से गौशाला को किराये पर लगा दिया। इस गौशाला में जो गायें थी उसे भी बेच दिया और मंदिर में अपने कमरे में बैठ कर ये लोग शराब और मांस का भी सेवन करते हैं। हमलोगों की मांग है कि अतिशीघ्र ठाकुरबाड़ी के बैंक खाते सील कर उसकी जांच की जाये तथा जिलाधिकारी इस कमिटी का अपने स्तर से पुनर्गठन करें। एक अन्य व्यक्ति ने कहा कि मैं इस मार्किट का अध्यक्ष हूँ और यह मार्किट शुरू करवाने में मैंने अहम भूमिका भी निभाई थी। जब से यह मठाधीश यहां पर आये हैं तब से अपनी मनमानी करने में जुटे हुए हैं।
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लोगों ने कहा कि जर्जर भवन के ऊपर भी इन्होने जबरन खतरनाक तरीके से निर्माण कार्य करवाया और काफी रूपये खाए भी। इसके साथ ही इन्होने दूसरी तरफ भी भवन निर्माण करवाया, सभी लोग मना करते रहे लेकिन नहीं माने। दुकानदारों से इन्होने मोटी रकम वसूली की और किराये के तौर भी काफी रूपये ले रहे हैं। इनके विरुद्ध जो भी दुकानदार आवाज उठाते हैं उनके विरुद्ध ये विभिन्न आपराधिक मामले दर्ज करवा देते हैं। इतना ही नहीं एक दुकानदार ने जब आवाज उठाई तो उसके दुकान में साजिश के तहत हथियार रखवा कर उसे गिरफ्तार करवा दिया और जेल भेजवाने के बाद उसके दुकान में ताला लगा दिया।
उस पीड़ित दुकानदार ने कहा कि हमने कभी कोई गलत काम नहीं किया। ये मठाधीश हमसे दुकान खाली करवाना चाहते थे और उसी दबाव में जब हम नहीं आये तो हमारे दुकान में कंबल में हथियार लपेट कर रखवा कर मुझे जेल भिजवा दिया और मेरे दुकान में ताला लगा दिया। हमने इस मामले में थाना से लेकर SSP तक न्याय की गुहार लगाई, ASP ने निर्देश भी जारी किये लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। लोगों ने इन सभी मामले में स्थानीय थाना के पुलिस की भी मिलीभगत का आरोप लगाया।
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