भागलपुर जिले के सुल्तानगंज प्रखंड स्थित अजगैविनाथ धाम क्षेत्र में प्रस्तावित नेशनल हवाई अड्डा के खिलाफ हजारों किसानों ने जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों का कहना है कि इस हवाई अड्डा निर्माण से उनकी उपजाऊ खेती की जमीन छिन जाएगी, जिससे उनका जीवन और रोजी-रोटी दोनों संकट में पड़ जाएंगे। इसी मांग को लेकर किसानों ने एकजुट होकर निर्माण कार्य पर रोक लगा दी।
प्रदर्शन कर रहे किसानों ने साफ कहा कि जिस जमीन पर हवाई अड्डा बनाने की योजना है, वही जमीन उनके परिवार के भरण-पोषण का मुख्य साधन है। वर्षों से वे इसी जमीन पर खेती कर अपने बच्चों की पढ़ाई, घर-परिवार और जीवन की जरूरतें पूरी करते आए हैं। यदि यह जमीन चली गई तो उनके सामने भूख और बेरोजगारी की स्थिति पैदा हो जाएगी। किसानों ने सरकार द्वारा दिए जाने वाले मुआवजे पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि मुआवजा न तो जमीन की असली कीमत के बराबर है और न ही भविष्य में होने वाले नुकसान की भरपाई कर सकता है। खेती के बिना उनका जीवन अधूरा हो जाएगा, जिसे पैसे से नहीं आंका जा सकता। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने सरकार से मांग की कि हवाई अड्डा निर्माण के लिए किसी अन्य स्थान का चयन किया जाए, ताकि किसानों की खेती और आजीविका सुरक्षित रह सके।
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किसानों ने यह भी चेतावनी दी कि वे किसी भी कीमत पर अपनी जमीन नहीं देंगे और रनवे निर्माण की अनुमति नहीं देंगे। इस आंदोलन में आसपास के कई गांवों से किसान बड़ी संख्या में शामिल हुए। सभी ने एकजुट होकर नारेबाजी की और प्रशासन से सीधे बातचीत की मांग की। कुछ किसानों ने भावुक होते हुए कहा कि अगर जबरन जमीन अधिग्रहण किया गया तो वे कठोर कदम उठाने को मजबूर हो जाएंगे। मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने किसानों को शांत कराने का प्रयास किया और उनकी मांगों को सरकार तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। हालांकि किसानों का कहना है कि जब तक उनकी जमीन की सुरक्षा की गारंटी नहीं मिलती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। अजगैविनाथ धाम जैसे धार्मिक और कृषि प्रधान क्षेत्र में हवाई अड्डा निर्माण अब एक बड़े जन आंदोलन का रूप लेता नजर आ रहा है।