पटना: राजधानी पटना में शुक्रवार को एक अनोखी शादी का नजारा दिखी जिसमें बाराती महिला आयोग की अध्यक्ष समेत अन्य सदस्य बने तो सुरक्षा में पुलिस भी तैनात रही। शादी की जानकारी जिसे भी मिली वह हैरान रह गया। बताया जा रहा है कि नवविवाहित जोड़ी ने इससे पहले जुलाई 2025 में पटना सिटी कोर्ट में जा कर शादी की थी और अब एक बार फिर लड़के ने सबके सामने लड़की की मांग में सिंदूर डाल शादी की है। शादी से पहले महिला आयोग के कार्यालय में करीब 2 घंटे तक हाईवोल्टेज ड्रामा भी चला लेकिन अंत में जीत प्रेमी जोड़े की हुई।
दरअसल संपतचक इलाके की रहने वाली लड़की अपने परिवार के साथ खाजेकला थाना क्षेत्र में एक मकान में किरायेदार के रूप में रह रही थी। वहां उसकी नजरें मकान मालिक के बेटे से मिल गई और दोनों ने साथ जीने मरने की कसमें खा ली। इस बीच युवक युवती ने तीन गवाहों की मौजूदगी में पटना सिटी कोर्ट में जा कर बीते जुलाई महीने में शादी भी कर ली लेकिन लड़के के परिवार के लोगों को यह मंजूर नहीं था। वह दोनों पर शादी तोड़ने का दबाव बना रहे थे जिसके बाद लड़की अपने प्रेमी के साथ महिला आयोग पहुंच गई। महिला आयोग की अध्यक्ष ने लड़के की मां को समझाने की काफी कोशिश की लेकिन जब वह नहीं मानी तो फिर कार्यालय में ही दोनों की एक बार फिर से शादी करवाई गई। इस दौरान सुरक्षा में डायल 112 की टीम भी मौजूद रही।
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मामले को लेकर लड़की ने बताया कि कुछ दिन पहले उसके दादा के देहांत के बाद चाचा ने सारी प्रॉपर्टी पर कब्ज़ा कर लिया जिसके बाद वह पटना में किराये पर रहने को मजबूर हो गई। करीब ढाई वर्ष पहले उसने खाजेकला थाना क्षेत्र में स्थित लड़के के घर में किरायेदार एक रूप में रहने गई जहां दोनों के बीच आंखें लड़ी और 6 महीने में ही उन्होंने एक दूसरे से इजहार भी किया। दोनों ने शादी करने का फैसला किया और जुलाई 2025 में पटना सिटी कोर्ट में जा कर उन्होंने शादी भी कर ली। लड़की कुछ दिन तक लड़के के घर में किरायेदार के रूप में रही और फिर बगल के मकान में किरायेदार के रूप में रहने लगी।
लड़की ने बताया कि इस बीच जब लड़के के परिवार के लोगों को हमारी शादी के बारे में पता चला तो उन लोगों ने मुझ पर शादी तोड़ने के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया जबकि लड़का भी मेरे साथ रहना चाहता है। लड़के ने जब अपनी मां और परिवार के लोगों की बात नहीं मानी तो उसे भी घर से निकाल दिया। वहीं लड़के ने भी बताया कि हम दोनों बालिग हैं और हमने कोर्ट में शादी की। हमारी इक्षा थी कि हमारे माता पिता आशीर्वाद दें तथा हम अपने परिवार के साथ रहें। लेकिन उन्हें हमारा यह रिश्ता स्वीकार नहीं है। हमने मां को काफी समझाया लेकिन वह मानने के लिए तैयार नहीं है, मुझे संपत्ति से बेदखल कर दिया।
वहीं बिहार राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष प्रो अप्सरा ने कहा कि हमने भी लड़के की मां को समझाने की कोशिश की लेकिन वह नहीं मान रही है। हमने दोनों की एक बार फिर से शादी करवाई है तथा दोनों अलग कहीं किराये के मकान में रहने गए हैं। महिला आयोग उनकी सुरक्षा का ध्यान रख रहा है। इस मामले में सभी को फिर से 15 अप्रैल को सुनवाई के लिए बुलाया गया है।
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