पटना: राजधानी पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में संदिग्ध हालत में मृत छात्रा के परिजन शनिवार को CBI कार्यालय पहुंचे। CBI कार्यालय में उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया गया था जहां परिजन सवालों के जवाब दिए बगैर ही निकल गए। इस मामले को लेकर एक बार फिर छात्रा के परिजन ने CBI पर भी कई आरोप लगाये। छात्रा के भाई ने कहा कि हमें पता ही नहीं चल रहा है कि CBI क्या जांच कर रही है। कभी एजेंसी बदला जा रहा है तो कभी अधिकारी और हर बार हमलोगों से पूछा जाता है कि घटना क्या हुई तो हमलोग कहाँ कहाँ एक ही बात को रटते चलें।

CBI कार्यालय से बाहर निकलने के बाद छात्रा के भाई ने कहा कि केस के अनुसंधान अधिकारी बदले गए हैं और नए अनुसंधान अधिकारी ने हमें बुलाया था और उन्होंने पूछा कि आपके साथ क्या घटना घटी बताइए ताकि उसकी जांच सही तरीके से की जा सके। हमलोग इस घटना को अब तक 6 बार बता चुके हैं तो अब कितनी बार एक ही बात को दोहराते रहें। नए अधिकारी कह रहे हैं कि हम इस केस के लिए नए हैं सब कुछ बता देंगे आप तो हम अपने तरीके से जांच करेंगे। हमलोगों ने न तो एजेंसी बदलने की मांग की थी और न ही अधिकारी फिर भी ये लोग खुद ही बार बार अदला बदली कर रहे हैं।

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छात्रा के भाई ने कहा कि पहले पटना पुलिस ने अपने जांच में क्या किया सबको मालूम है। जब इस केस को CBI ने लिया तो अनुसंधान अधिकारी पवन श्रीवास्तव ने नाबालिग लड़की के मामले में POCSO एक्ट तक नहीं लगाया। आखिर उन्हें ऐसा क्या दिखा था कि उन्होंने पोक्सो एक्ट लगाना उचित नहीं समझा। अब आज जब एक बार फिर वही घटना की जानकारी के लिए मुझे बुलाया गया तो वहां पर डॉ सतीश भी मौजूद थे। जिस इन्सान ने सिटी एसपी के सामने कहा हो कि परिवार के लोगों ने छात्रा की हत्या की है तो हम उसके सामने क्यों कुछ बोलें। डॉ सतीश के वहां मौजूद रहने की वजह से हम वहां रुके नहीं और निकल गए।

वहीं CBI जांच पर भरोसा होने के सवाल पर छात्रा के भाई ने कहा कि एजेंसी पर भरोसा तो है लेकिन जब अधिकारी पवन श्रीवास्तव जैसा हो तो फिर किसी को भरोसा नहीं रहेगा। उस अधिकारी ने नाबालिग लड़की की बात जानते हुए भी पोक्सो एक्ट नहीं लगाया, कोर्ट में जा कर मनीष रंजन को जमानत देने की बात कर रहे हैं। तो ऐसे अधिकारी के ऊपर कैसे भरोसा किया जा सकता है। पहले जो लोग इस मामले की जांच कर रहे थे उनके ऊपर भरोसा नहीं किया जा सकता है। आज भी वही पुरानी बातें पूछताछ की गई कि आपके साथ कब कहाँ किसने क्या किया। बार बार एक ही बात पूछताछ की जा रही है। ये लोग किसके कहने पर क्या जांच कर रहे हैं यह तो अधिकारी ही बतायेंगे, ह आमलोगों को कुछ समझ नहीं आ रहा है।

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पटना से चंदन तिवारी की रिपोर्ट