पटना: राजधानी पटना में स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रह रही छात्रा की संदिग्ध मौत मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट और FSL की रिपोर्ट आने के बाद पुलिस पर कई सवाल उठे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में छात्रा के साथ दरिंदगी की पुष्टि होने के बाद आनन फानन में डीजीपी ने एक SIT गठित की जो लगातार छानबीन कर रही है। शनिवार को FSL की टीम ने भी छात्रा के साथ दरिंदगी की पुष्टि की और उसके कपड़ों पर स्पर्म पाए जाने की बात कही जिसके बाद अब SIT आरोपी की पहचान करने में जुट गई है।
SIT की टीम ने FSL रिपोर्ट मिलने के बाद अब ।DNA जांच में जुट गई है। इसके लिए टीम ने छात्रा के परिजन समेत 5 रिश्तेदारों के ब्लड सैंपल लिया जबकि तीन आरोपियों का भी ब्लड सैंपल लिया है। मिली जानकारी के अनुसार SIT ने छात्रा के माता पिता, दो मामा और भाई का ब्लड सैंपल जांच के लिए लिया है इसके साथ ही तीन आरोपियों का भी ब्लड सैंपल लिया है। इन सभी सैंपल के DNA प्रोफाइल तैयार किये जायेंगे और फिर छात्रा के कपड़ों पर मिले स्पर्म का DNA से मिलान किया जायेगा।
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बता दें कि इस मामले की वजह से बिहार पुलिस की काफी किरकिरी हुई और पुलिस अधिकारियों पर जांच की दिशा बदलने का आरोप लगा। अब गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने इस मामले में पुलिस को फ्री हैण्ड दिया है। उन्होंने डीजीपी को इस मामले के रिपोर्ट के साथ तलब किया जिसके बाद डीजीपी विनय कुमार, SIT के नेतृत्वकर्त्ता IG जितेंद्र राणा, CID के अमित कुमार और पटना के एसएसपी कार्तिकेय के शर्मा ने गृह मंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात की और केस की प्रगति के बारे में बताया।
इस दौरान गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने पुलिस को खुली छूट देते हुए निर्देश दिया कि इस मामले में आरोपी चाहे जो भी हो उन्हें बख्शा नहीं जाये। आरोपी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें सख्त सजा दिलाई जाए। बता दें इससे पहले तारापुर में भी गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने अपराधियों को खुली चेतावनी देते हुए कहा था कि हमने पहले ही बिहार पुलिस को खुली छूट दे दी है कि अपराधियों को माला न पहनाई जाये बल्कि उनके ऊपर माला चढाई जाये।
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