कटिहार: बिहार में वर्ष 2016 से पूर्ण शराबबंदी कानून लागू है। नीतीश कुमार की सरकार ने शराबबंदी कानून लागू करने और लोगों में जागरूकता फ़ैलाने की जिम्मेदारी पुलिस के साथ ही सभी विभागों के कर्मियों को दी है बावजूद अक्सर ऐसे मामले सामने आ ही जाते हैं जब सरकारी कर्मी ही कानून की धज्जियां उड़ाते हैं। ऐसा ही एक मामला सामने आया है कटिहार से जहां एक चिकित्सा पदाधिकारी नशे में धुत हो कर सड़क पर लेते मिले। शराब के नशे में धुत चिकित्सा पदाधिकारी को देख लोगों की भीड़ जुट गई और लोगों ने फिर पुलिस को मामले की सूचना दी। मौके पर पहुंच कर पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
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मामला कटिहार के समेली प्रखंड में स्थित पीएचसी में प्रभारी चिकित्सा प्रभारी के पद पदस्थापित डॉ विनय कुमार को पुलिस ने शराब के नशे में गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि उन्होंने इतनी शराब पी ली थी कि बेहोश हो गए और इस दौरान किसी तरह उनके कपड़े तक खुल गए थे। अब यह वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है। चिकित्सा प्रभारी के नशे में धुत सड़क पर पड़े होने की सूचना पर अब क्षेत्र में तरह तरह की चर्चाएँ शुरू हो गई है वहीं लोगों ने शराबबंदी कानून पर भी तंज कसा और कहा कि यह कैसी शराबबंदी है जब एक सरकारी कर्मी ही इसकी धज्जियां उड़ा रहा है।
मौके पर पहुंची पुलिस ने जब उन्हें उठा कर ले जाने की कोशिश की तो इस दौरान भी वह कई बार गिरे जिसके बाद पुलिसकर्मियों ने उन्हें पकड़ कर गाड़ी में बैठाया। इस दौरान स्थानीय लोगों ने चिकित्सा प्रभारी के पुराने कारनामों की भी चर्चा की और कहा कि वे आज न सिर्फ शराब के नशे की वजह से चर्चा में आये हैं बल्कि पहले से ही विवादित रहे हैं। कुछ दिन पहले भी उनका एक ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था जिसमें उन्होंने कई आपत्तिजनक बातें की थी। लोगों ने ऐसे अधिकारी को बर्खास्त करने की मांग की वहीं फ़िलहाल इस मामले में पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है।
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कटिहार से असद्दुर रहमान की रिपोर्ट